गिनती में तैनात होंगे केंद्रीय कर्मचारी

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अगर चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती में काउंटिंग की टेबल पर केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती का फैसला किया है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा, ‘चुनाव आयोग को कोई आदेश नहीं दे सकते है। यह चुनाव आयोग का अधिकार है उन पर भरोसा करें’।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि उन्हें चुनाव आयोग से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने काउटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में अपील की थी। हाई कोर्ट ने आपत्ति खारिज करते हुए कहा था कि मतगणना के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसमें कोई अवैधता नहीं है। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरण में चुनाव हुए हैं। नतीजा चार मई को आएगा।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 13 अप्रैल को एक सरकुलर जारी किया था, जिसके अनुसार मतगणना की हर टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक कर्मचारी केंद्र सरकार या सार्वजनिक उपक्रम यानी पीएसयू का होना अनिवार्य है। तृणमूल का आरोप है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी भाजपा के प्रभाव में काम कर सकते हैं। इसलिए राज्य सरकार के कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाए। टीएमसी ने यह शिकायत चुनाव आयोग से भी की थी।

बहरहाल, वोटों की गिनती सोमवार को होने वाली है इसलिए शनिवार छुट्टी के दिन विशेष सुनवाई हुई। इसमें कपिल सिब्बल ने कहा, ‘मुख्य चुनाव अधिकारी के पत्र में कहा गया है कि मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। यह सीधे तौर पर राज्य सरकार पर उंगली उठाने जैसा है। अगर ऐसी आशंका है, तो उसका कोई ठोस डेटा होना चाहिए। हर बूथ के लिए यह आशंका कहां से आई? यह जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? अगर केंद्र सरकार के अधिकारियों को लगाया जा रहा है, तो हमें पहले से बताया क्यों नहीं गया’?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी हैं और वे उसी रूप में काम करेंगे। अदालत ने कहा, ‘यहां एक गलतफहमी है। यह मानना सही नहीं है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारी अलग अलग तरह के होते हैं। दरअसल, दोनों ही सरकारी कर्मचारी हैं’। इसके बाद अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी सरकुलर लागू होगा।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo