जनता की कीमत पर

Categorized as संपादकीय

पेट्रोलियम पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकारी खजाने को 2026-27 में 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उसकी भरपाई केंद्र कहां से करेगा? सीधा गणित है कि वह बाजार से अधिक कर्ज लेगा, जिसका बोझ आखिरकार जनता पर ही आएगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सत्ता होने के दौर में अपनी तिजोरी भरने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है। इस कारण सरकारी खजाने को 2026-27 में 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचेगा। पिछले वर्ष सरकार ने आय कर और जीएसटी दरों में कटौती की। उससे भी उसे राजस्व का नुकसान हुआ। इन सबकी भरपाई केंद्र उसकी कहां से करेगा? सीधा गणित है कि वह बाजार से अधिक कर्ज लेगा। 2026-27 के केंद्रीय बजट में 16.09 लाख करोड़ रुपये का ऋण लेने का प्रावधान है। लेकिन अब बताया गया है कि उसका 51 फीसदी यानी 8.2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही ले लिया जाएगा।

मौजूदा वित्तीय हालात को देखते हुए अनुमान है कि दूसरी छमाही कम-से-कम इतना और ऋण लिया जाएगा- यानी बजट में तय सीमा टूट सकती है। बाजार से ऋण का स्रोत अधिकांशतः ऋण का कारोबार करने वाली वित्तीय कंपनियां होती हैं। सरकारें जितना अधिक कर्ज लेती हैं, उनके बॉन्ड पर ब्याज दर उतनी बढ़ती चली जाती है। फिलहाल, भारत सरकार के दस साल के बॉन्ड की ब्याज दर 6.92 प्रतिशत है, जो हाल के किसी समय से ऊंची है। मतलब यह कि अभी के कर्ज पर सरकार की दीर्घकालिक देनदारी खासी ऊंची होगी। इस कारण हर साल कर्ज एवं ब्याज चुकाने का अधिक दबाव सरकार के बजट पर होगा।

अगर सरकार की आमदनी दूसरे स्रोतों से नहीं बढ़ेगी, तो जाहिर है, उपरोक्त देनदारी विकास एवं जन-कल्याण के खर्चों में कटौती कर पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि परोक्ष करों के जरिए राजस्व जुटाने की गुंजाइश अब बेहद सीमित हो चुकी है। विनिवेश से पैसा जुटाने की संभावनाएं भी अब सीमित ही हैं। उस स्थिति में केंद्र के पास आमदनी बढ़ाने का एकमात्र जरिया धनी लोगों पर अधिक कर्ज लगाने का बचा है। लेकिन कॉरपोरेट्स का मुनाफा बढ़ाने की प्राथमिकता वाली वर्तमान सरकार के लिए यह सोचना भी कठिन है। इसलिए उत्पाद कर घटने का अर्थ दीर्घकाल में आम जन पर दबाव बढ़ना होगा। यही आज का गणित और हकीकत है।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo