राज्य में तेलंगाना अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम, 2026 लागू

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तेलंगाना अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम, 2026 मंगलवार से लागू हो गया। सीएम रेवंत रेड्डी की सरकार ने अधिवक्ताओं को उनके पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए गए इस अधिनियम के कार्यान्वयन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। 

लॉ डिपार्टमेंट ने मंगलवार को सरकारी आदेश (जी.ओ.) संख्या 41 जारी कर इस अधिनियम को पूरे राज्य में लागू कर दिया।

वकीलों पर बढ़ते हमलों के मद्देनजर उनकी सुरक्षा के लिए विधानसभा ने इस वर्ष मार्च में तेलंगाना अधिवक्ता संरक्षण विधेयक, 2026 पारित किया था। इसके बाद राज्यपाल ने विधेयक को मंजूरी दे दी।

इस कानून का उद्देश्य अधिवक्ताओं को पुलिस सुरक्षा प्रदान करना, झूठे मामलों, साजिशों और उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करना और पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करते समय धमकियों और प्रतिशोधात्मक हमलों से सुरक्षा प्रदान करना है।

राज्य सरकार ने इसे अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए विधानसभा को बताया था कि यह विधेयक तेलंगाना बार काउंसिल के प्रस्ताव और उच्च न्यायालय बार एसोसिएशनों, कानूनी मंचों और कानूनी समुदाय से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किया गया था।

सरकार ने कहा था कि यह कानून अधिवक्ताओं की पेशेवर सुरक्षा सुनिश्चित करता है और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है। विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने विधानसभा को बताया था कि यह कदम विधि पेशे के महत्व को सुदृढ़ करता है और अधिवक्ताओं को बिना किसी भय के न्याय दिलाने के लिए सशक्त बनाता है।

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श्रीधर बाबू ने कहा कि कर्नाटक और राजस्थान के बाद तेलंगाना उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने ऐसा कानून लागू किया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी 2021 में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक मसौदा तैयार किया था, और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने भी एक विशेष कानून की आवश्यकता पर जोर दिया था।

हैदराबाद में तेलंगाना उच्च न्यायालय के वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की हत्या के कुछ दिनों बाद यह कानून लागू हुआ।

23 मई को उनके घर के पास ही उनकी कार में बैठते समय उनकी हत्या कर दी गई। तेज रफ्तार से आ रहे एक वाहन ने जानबूझकर उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं, और बाद में उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने 29 मई को कांग्रेस नेता मुजाहिद आलम खान, उनके पिता नवाब महबूब आलम खान और पांच सहयोगियों की गिरफ्तारी की घोषणा की।

राज्य कांग्रेस इकाई के उपाध्यक्ष मुजाहिद आलम खान और उनके पिता महबूब आलम खान, जो एक प्रमुख नागरिक और अनवर-उल-उलूम एजुकेशनल एसोसिएशन के सचिव हैं, पर आरोप है कि उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची और 15 लाख रुपए के सुपारी के बदले मोइजुद्दीन की हत्या करने के लिए हत्यारों को काम पर रखा।

पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे का मकसद मुजाहिद आलम खान के परिवार और मृतक वकील के बीच वक्फ संपत्तियों और प्रबंधन संबंधी मुद्दों को लेकर चल रहा लंबा विवाद था। दोनों पक्षों के बीच कई दीवानी, आपराधिक और वक्फ न्यायाधिकरण के मामले वर्षों से लंबित थे।

Pic Credit : ANI


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