सीजेपी के प्रदर्शन से ताकत का पता चलेगा

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नाम से तो ऐसा लगता है, जैसे यह एक राजनीतिक दल हो। लेकिन असल में अभी तक यह कोई संगठन भी नहीं है। यह सिर्फ एक सोशल मीडिया अकाउंट है, जिसके अलग अलग प्लेटफॉर्म पर काफी संख्या में समर्थक बन गए हैं। इंस्टाग्राम पर इसके सवा दो करोड़ के करीब समर्थक हैं। चूंकि इंस्टाग्राम युवाओं का प्लेटफॉर्म है इसलिए लग रहा है कि व्यवस्था से परेशान युवाओं का बड़ा समूह इसके साथ जुड़ा हुआ है। निश्चित रूप से यह युवाओं की बेचैनी को दिखाता है। यह दिखाता है कि युवाओं के अंदर निराशा है और नाराजगी भी है। लेकिन सवाल है कि क्या युवा इस निराशा और नाराजगी को प्रकट करने के लिए सड़क पर उतरने को तैयार हैं?

इसका पता अगले कुछ दिन में चलेगा। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके अभी तक अमेरिका में थे। वे अमेरिका से लौट रहे हैं और उन्होंने ऐलान किया है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उनका प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर होगा। पहले भी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के बाद उन्होंने इस पर पहला पिटीशन यानी याचिका शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर ही डाला था, जिसे लाखों लोगों का समर्थन मिला था। अगर लाखों नहीं, कुछ हजार लोग भी सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में जंतर मंतर पर जुटते हैं तब इसकी असली ताकत का पता चलेगा।

अभिजीत दिपके इस उम्मीद में हैं कि इस समय युवाओं में बहुत गुस्सा है क्योंकि नीट यूजी का पेपर लीक हुआ है और दोबारा परीक्षा होनी है, 12वीं बोर्ड की सीबीएसई की परीक्षा की कॉपी जांचने में गड़बड़ी हुई है, जिससे लाखों छात्र परेशान हैं, सीयूईटी की परीक्षा में गड़बड़ी हुई है और इन सबसे युवा नाराज हैं, जो अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए सड़क उतर सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी एक संगठन, एक बड़ी टीम और लोगों को मोबिलाइज करने के लिए संसाधन की जरुरत होती है। क्या अभिजीत दिपके या परदे के पीछे से उनका समर्थन करने वाली कोई ताकत इसके लिए तैयार है?


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