कांग्रेस की अनुयायी भाजपा

भाजपा द्वारा ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा संपूर्ण विचारहीनता का नमूना था। उसी क्रम में, उस के नेता जब कुछ मौलिक कोशिश करते हैं तो फूहड़ साबित होता है। चाहे झूला झुलाकर, गले लटक कर, अथवा तू-मैं की बेतकल्लुफी दिखाकर विदेशियों को जीतने का मंसूबा हो, या ‘घर में घुस कर मारने‘ का प्रदर्शन — सब… Continue reading कांग्रेस की अनुयायी भाजपा

आप सांसदों की सामूहिक पलटी

यह घटना राजनीति को एक ‘धंधा’ साबित करती है, जहां सिद्धांतों की जगह स्वार्थ हावी है। लेकिन एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि जनता अब ज्यादा सजग हो रही है। 2027 के चुनाव में मतदाता इन ‘ट्रैक्टरों’ को याद रखेंगे और वोट से जवाब देंगे। अशोक मित्तल पर ईडी के छापे के महज 10… Continue reading आप सांसदों की सामूहिक पलटी

बदलाव की बयार आंधी में बदलेगी!

मतदान के इतने भारी भरकम आंकड़े का जो पहला मैसेज लोगों तक पहुंचा वह ये है कि लोग बदलाव चाहते हैं और परिवर्तन के लिए इतनी बड़ी संख्या में निकल कर वोट कर रहे हैं। दूसरा मैसेज यह है कि चुनाव आयोग की ओर से कराई गई एसआईआर के कारण फर्जी मतदाताओं के नाम कट… Continue reading बदलाव की बयार आंधी में बदलेगी!

ईरान की शक्ति बनाम अमेरिका का खोखलापन!

आदर्श स्थिति वह होगी, जब व्यक्ति को सारी स्वतंत्रताएं एवं अधिकार एक साथ प्राप्त हों। मगर दुनिया में अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनी, जो यह सब सुनिश्चित कर सके। इस लिहाज से अब तक तमाम राजसत्ताएं एक किस्म की सौदेबाजी (trade-off) का उपकरण रही हैं। पलड़ा उन तबकों के हित में झुक जाता… Continue reading ईरान की शक्ति बनाम अमेरिका का खोखलापन!

‘माइकल’: एक अधूरी जीवनी

पॉप-संस्कृति के इतिहास में माइकल जैक्सन सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक बहुत बड़ी घटना हैं, एक ऐसी रचना हैं जो संगीत, नृत्य, फैशन और ग्लोबल स्टारडम की सीमाओं को तोड़ती है। ऐसे कलाकार पर फ़िल्म बनाना, दरअसल, एक जोखिम भरा नैरेटिव निर्णय होता है: आप या तो एक ईमानदार, असहज और जटिल फिल्म बनाते हैं… Continue reading ‘माइकल’: एक अधूरी जीवनी

सीबीआई अफसर को सजा, जरूरी फैसला!

सीबीआई खुद को देश की प्रमुख जांच एजेंसी बताती है, जो भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के खिलाफ लड़ती है। लेकिन जब उसके अपने वरिष्ठ अधिकारी ही ‘मालाफाइड रेड’, मारपीट और साजिश में शामिल हों, तो सवाल उठता है कि तब सीबीआई अपने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती? दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में… Continue reading सीबीआई अफसर को सजा, जरूरी फैसला!

चेतना संचार और पतितपावनी गंगा

वैशाख शुक्ल सप्तमी, जिसे गंगा सप्तमी या जह्नु सप्तमी कहा जाता है, गंगा के दूसरे जन्म का प्रतीक पर्व है। कथा के अनुसार जब गंगा ने ऋषि जह्नु के यज्ञ स्थल को जलमग्न कर दिया, तो उन्होंने क्रोध में गंगा को पी लिया और बाद में अपने कान से उन्हें पुनः बाहर निकाला। यह प्रसंग… Continue reading चेतना संचार और पतितपावनी गंगा

एक चेहरा, अंतहीन प्रचार अंतहीन

अभी मोदी ही सबसे बड़ी कहानी हैं। लेकिन कहानियां बदलती हैं। और इस कहानी के पाठक अब देख रहे हैं कि यह आगे बढ़ना बंद कर चुकी है। भारत का अगला अध्याय अतीत को दोहराकर नहीं बनेगा। वह तब बनेगा जब कोई दोनों भ्रमों को तोड़ने का साहस करेगा—पहचान की राजनीति और असफल आर्थिक ढांचे… Continue reading एक चेहरा, अंतहीन प्रचार अंतहीन

सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युगपुरुष आद्य शंकराचार्य

भारतीय वाङ्मय के आकाश में आद्य गुरु शंकराचार्य एक ऐसे उज्ज्वल सूर्य हैं, जिन्होंने अल्पायु में ही अपनी प्रतिभा से चारों दिशाओं को आलोकित किया। वैशाख शुक्ल चतुर्थी को उनका जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि क्षीण होते सनातन धर्म के पुनरुत्थान का एक दिव्य अभियान था। शंकराचार्य का आध्यात्मिक दर्शन “ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या जीवो… Continue reading सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युगपुरुष आद्य शंकराचार्य

केंद्रीय सतर्कता आयोग से क्या बना?

सीबीआई द्वारा जांचे गए 7,072 भ्रष्टाचार के मामले अदालतों में लंबित हैं, जिनमें से 379 मामले 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं। 2,660 मामले 10 वर्ष से ज्यादा लंबित हैं। यह आंकड़ा न केवल न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाता है, बल्कि सीवीसी की निगरानी वाली पूरी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता… Continue reading केंद्रीय सतर्कता आयोग से क्या बना?

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