किन्नरों को वसूली का अधिकार नहीं: हाईकोर्ट

किन्नर समुदाय प्रायः अपने जजमानों से जबरन वसूली करता है। कभी-कभी तो वसूली का तरीका बहुत अभद्र होता है। जिसमें जजमान के परिवार के सामने निर्वस्त्र हो जाना, भद्दी गालियाँ देना, बद्दुआएँ देना और डराना धमकाना। कभी-कभी यह सब नाटक इस सीमा तक हो जाता है कि भयभीत जजमान अपनी आर्थिक हैसियत से कई गुना… Continue reading किन्नरों को वसूली का अधिकार नहीं: हाईकोर्ट

पश्चिम बंगाल भी केसरिया रंग में

सम्मिलित निष्कर्ष है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और बंगाल के मतदाताओं ने परिवर्तन के लिए मतदान किया है। आजादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व की सोच वाली सरकार बनने की वास्तविक संभावनाएं सामने हैं। साथ ही 50 साल के बाद पहली बार केंद्र की… Continue reading पश्चिम बंगाल भी केसरिया रंग में

जो मुद्दे चुनाव पर छाये और जो गायब रहे

भारत की ढांचागत आर्थिक समस्याएं हैं। ऊपर से ईरान युद्ध से पैदा हुई चुनौतियां हैं, जो वैश्विक ढांचागत बदलाव की जनक बन रही हैं। इन मुश्किलों के कारण दुनिया को गहरी आर्थिक पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है। जो पहले से कमजोर है, लाजिमी है कि उसे ये पीड़ा ज्यादा महसूस होगी। बेशक, भारत उसी… Continue reading जो मुद्दे चुनाव पर छाये और जो गायब रहे

सादगी का साहस: ‘नुक्कड़ नाटक’

‘धुरंधर’ जहां अपने विशाल सेट्स, हाई-ऑक्टेन एक्शन और स्टार पावर के दम पर दर्शकों को बांधती है, वहीं ‘नुक्कड़ नाटक’ अपने विचारों और भावनाओं के सहारे आगे बढ़ती है। यह एक ऐसा अंतर है, जो दोनों फ़िल्मों को अपने-अपने स्थान पर महत्वपूर्ण बनाता है। सिने-सोहबत आज के समय में जब सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर… Continue reading सादगी का साहस: ‘नुक्कड़ नाटक’

जनतंत्र को पलीता लगाने में क्या केजरीवाल पीछे थे?

लप्पड़ खाने के बाद रुआंसे घूम रहे केजरीवाल से भी तो यह पूछा जाना चाहिए कि पिछले साढ़े तेरह बरस से वे भारत के लोकतंत्र का नमक अदा करने के लिए काम कर रहे थे या जनतंत्र की तेरहवीं के आयोजन में एक निष्ठावान गुपचुप सहयोगी बने बैठे हैं?… छद्म संघर्ष से आगे आए केजरीवाल… Continue reading जनतंत्र को पलीता लगाने में क्या केजरीवाल पीछे थे?

डोनाल्ड ट्रंप का सत्ता व्याकरण

डोनाल्ड ट्रंप इतिहास की दुर्घटना नहीं हैं; वे उन तनावों की सबसे तीखी अभिव्यक्ति हैं जो अमेरिका लंबे समय से ढोता आया है—विमर्श बनाम प्रदर्शन, धैर्य बनाम अधीरता, अनुच्छेद बनाम ट्वीट। उन्होंने एक पुराने भूख को नई, डिजिटल आवाज़ दी, और वह आवाज़ उस भूख से भी तेज निकली जिसे वह व्यक्त करती थी। “मेरी… Continue reading डोनाल्ड ट्रंप का सत्ता व्याकरण

बंगाल के नतीजों का चौतरफा असर होगा

प्रधानमंत्री मोदी इस लगातार डायरेक्ट अमेरिका के सामने झुकते चले जा रहे हैं। यह देश के लिए एक बड़ा चिंता का विषय था लेकिन अब तो पाकिस्तान पर से आतंकवादी ठप्पा हटाना … क्या पाकिस्तान के सीमा-पार आतंकवाद के इतिहास के बावजूद यह भारत का अचानक जानबूझकर नरम रूख अपनाना नहीं है? आ गए एग्जिट… Continue reading बंगाल के नतीजों का चौतरफा असर होगा

पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से क्या होगा ?

पर्यावरण को फायदा, ऊर्जा सुरक्षा की मज़बूती और किसानों की आय में बढ़ोतरी कुछ फ़ायदे ज़रूर हैं। लेकिन इसके साथ ही आम आदमी की जेब और पुराने वाहनों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर नीति संतुलित रही, तो यह ‘विन-विन’ निर्णय साबित हो सकता है। वरना, माइलेज का नुकसान और महंगाई का… Continue reading पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से क्या होगा ?

लोकतंत्र के झटकने के रूप, ट्रंप और मोदी की कथा

अमेरिका में लोकतांत्रिक संकट तेज़ और स्पष्ट है, भारत में वह धीमा और संरचनात्मक रहा है। एक जगह विस्फोट है, दूसरी जगह धँसाव। पर दोनों का परिणाम समान है—संस्थाएँ मौजूद हैं, पर उनका प्रभाव बदल चुका है; चुनाव होते हैं, पर उनकी निष्पक्षता पर संरचनात्मक प्रभाव है; मीडिया है, पर उसकी सीमाएँ तय हैं। तेज़… Continue reading लोकतंत्र के झटकने के रूप, ट्रंप और मोदी की कथा

कांग्रेस की अनुयायी भाजपा

भाजपा द्वारा ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा संपूर्ण विचारहीनता का नमूना था। उसी क्रम में, उस के नेता जब कुछ मौलिक कोशिश करते हैं तो फूहड़ साबित होता है। चाहे झूला झुलाकर, गले लटक कर, अथवा तू-मैं की बेतकल्लुफी दिखाकर विदेशियों को जीतने का मंसूबा हो, या ‘घर में घुस कर मारने‘ का प्रदर्शन — सब… Continue reading कांग्रेस की अनुयायी भाजपा

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