अमेरिका से सौदा कितना सच्चा है?

भारत और अमेरिका के बीच दोपक्षीय व्यापार वार्ता चलती रहेगी लेकिन उससे पहले अंतरिम समझौते की घोषणा हो गई है। जिस दिन घोषणा हुई यानी समझौते का फ्रेमवर्क और साझा बयान जारी हुआ उसके अगले दिन, आठ फरवरी को पता नहीं अमेरिका के अखबारों में किसी भारतीय उत्पाद का विज्ञापन छपा या नहीं, लेकिन भारत… Continue reading अमेरिका से सौदा कितना सच्चा है?

यूपीए दो की तरह एनडीए तीन!

इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में यह जुमला सुनने को मिल रहा है और हैरानी की बात है कि राइटविंग इकोसिस्टम के लोगों से मुंह से सुनने को मिल रहा है। वे कह रहे हैं कि एनडीए तीन यानी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी तीसरी सरकार की हालत यूपीए दो की तरह होती जा… Continue reading यूपीए दो की तरह एनडीए तीन!

अमेरिका से समझौता क्या जीत है?

अमेरिका के साथ व्यापार संधि पर अभी दस्तखत नहीं हुए हैं। इसकी सिर्फ राजनीतिक घोषणा हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संधि का ऐलान किया, जिसकी पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उसके बाद अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रियर और कृषि मंत्री ब्रुक रॉलिंस ने संधि की कुछ बारीकियों की जानतारी दी,… Continue reading अमेरिका से समझौता क्या जीत है?

यूजीसी के नियमों का घाव गहरा है

उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित तौर पर समानता लाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने जो नियम जारी किए थे उसने भाजपा को गहरा घाव दिया है। पार्टी के नेता और यहां तक कि भाजपा और आरएसएस की ओर से टेलीविजन चैनलों पर राय रखने वाले प्रवक्ता व वक्ता भी कह रहे हैं… Continue reading यूजीसी के नियमों का घाव गहरा है

इस बार बजट ऐसा ही होना था

इस बार बजट को लेकर जैसी उदासीनता रही वैसे हाल के दिनों में कई बजटों में नहीं देखने को मिली। बजट बिल्कुल सपाट और रूटीन का था और इसलिए बहुत जल्दी सामान्य चर्चा से बाहर हो गया। असल में यह बजट ऐसा ही होने वाला था। इसका कारण यह है कि यह नरेंद्र मोदी की… Continue reading इस बार बजट ऐसा ही होना था

महाराष्ट्र की राजनीति पहले जैसी नहीं रहेगी

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा। ऐसा होना न तो अनायास होगा और न आश्चर्यजनक होगा। आमतौर पर इतने बड़े नेता का जब भी असमय निधन होता है या उसके साथ कोई हादसा होता है तो राजनीति बदलती है। कई राज्यों में इसके प्रमाण मिल जाएंगे। अरुणाचल प्रदेश में… Continue reading महाराष्ट्र की राजनीति पहले जैसी नहीं रहेगी

अगड़े, शंकराचार्य: ये भाजपा के प्रयोग है!

यह संयोग नहीं है कि करीब तीन साल तक आधा दर्जन से ज्यादा पिछड़ी जाति के नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की चर्चा करने के बाद भाजपा ने अगड़ी जाति के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और उसके बाद यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव खत्म करने के नाम पर ऐसा नियम पेश… Continue reading अगड़े, शंकराचार्य: ये भाजपा के प्रयोग है!

भाजपा की राजनीतिक योजना क्या है?

राजनीति में कुछ भी अनायास या अनियोजित नहीं होता है और अगर आपको लगे कि कुछ अनायास हो रहा है या अनप्लांड हो रहा है तो समझना चाहिए कि उसे उसी तरह से प्लान किया गया है। यानी उसकी योजना ऐसी बनी है कि वह अनप्लांड लगे। यह बात अमेरिका के एक राष्ट्रपति ने कही… Continue reading भाजपा की राजनीतिक योजना क्या है?

लोकभवन बना देने से क्या बदला?

प्रदेशों की राजधानियों में अंग्रेजों के जमाने में बने और कई कई एकड़ में फैले विशाल भवनों को, जहां राज्यपाल रहते हैं, राजभवन कहा जाए या लोकभवन क्या फर्क पड़ता है? लोकभवन नाम रख देने से न तो उसमें रहने वालों की उपयोगिता बढ़ जाएगी और न उनका एटीट्यूड बदल जाएगा। वे अंग्रेज के जमाने… Continue reading लोकभवन बना देने से क्या बदला?

पांच राज्यों में पहचान के मुद्दे पर चुनाव

राजनीतिक और सामाजिक बदलाव के लिहाज से यह बहुत दिलचस्प समय दिख रहा है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी पैन इंडिया हिंदुत्व की राजनीति को स्थापित करने की बेहद आक्रामक राजनीति कर रही है। उसने 80 और 20 वाली राजनीति को उत्तर प्रदेश की सीमा से निकाल कर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पूरे देश… Continue reading पांच राज्यों में पहचान के मुद्दे पर चुनाव

logo