राम मंदिर के चंदे में ‘‘गबन’’ को लेकर केजरीवाल ने मोदी से मांगा जवाब

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आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि मामले में केवल ‘‘प्यादों’’ को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इसमें शामिल ‘‘ताकतवर’’ लोगों को बचाया जा रहा है।

केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मंदिर के लिए जमीन की खरीद और उसके निर्माण के अलावा श्रद्धालुओं से मिले चंदे में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बात स्वीकार नहीं की जा सकती कि यह सब होता रहा और प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी।’’

केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को स्वयं प्रधानमंत्री ने चुना था और गृह मंत्रालय का एक अधिकारी भी ट्रस्ट का सदस्य है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने ‘‘चोरी रोकने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की।

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उन्होंने कहा आठ लोगों को गिरफ्तार करके हमें छला जा रहा है। असली लोग (दोषी) कोई और हैं। ये आठ लोग केवल प्यादे हैं। मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि वह किसे और क्यों बचा रहे हैं।

केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि श्रद्धालुओं के चंदे की कथित चोरी करने और करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वालों के मकानों पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जा रहा।

‘आप’ संयोजक ने आरोप लगाया कि निजी व्यक्तियों ने 14 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को 95 करोड़ रुपये में बेची और मंदिर के निर्माण कार्यों में कमीशन लिए जाने के भी आरोप हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और मंदिर में चंदे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जांचकर्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज किया। राय ने हाल में ‘‘नैतिक जिम्मेदारी’’ लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार करने पर छह जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जाएगा।

Pic Credit : ANI


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