100 प्रतिशत ई-कोर्ट समन जारी कर रहा हरियाणा

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हरियाणा ने अपने आपराधिक न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने नए आपराधिक कानूनों के तहत कोर्ट समन को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने और ई-चार्जशीट के इस्तेमाल को 90 प्रतिशत से ज्यादा करने का लक्ष्य पूरा किया है। 

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम तथा अंतरसंचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली पर आयोजित 33वीं राज्य सर्वोच्च समिति (एसएसी) की बैठक में इन उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

बैठक में नए आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस की पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा ने 7 जून से राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर पहला स्थान हासिल किया और जून 2021 से पिछले 59 महीनों में 44 बार शीर्ष पर बना रहा है। राज्य ने अप्रैल 2026 में प्रगति डैशबोर्ड पर भी पहला स्थान प्राप्त किया था।

समिति को सूचित किया गया कि हरियाणा पुलिस नागरिकों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करना जारी रखे हुए है और हर समय पोर्टल के माध्यम से सेवा का अधिकार (आरटीएस) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रही है। 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा किया जा चुका है, जिससे हरियाणा पुलिस सार्वजनिक सेवा वितरण में राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागों में से एक बन गई है।

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मुख्य सचिव रस्तोगी ने विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और सभी हितधारकों को इस गति को बनाए रखने, लंबित परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते रहने का निर्देश दिया।

न्यायिक एकीकरण की पहलों की समीक्षा करते हुए समिति ने पाया कि अब सभी अदालती समन अदालत सूचना प्रणाली (सीआईएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किए जा रहे हैं, जो कागज रहित न्याय व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पुलिस और अदालती प्रणालियों के सफल एकीकरण के परिणामस्वरूप नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकृति 90 प्रतिशत के पार हो गई है, जिससे आपराधिक जांच और अभियोजन में दक्षता और पारदर्शिता में काफी सुधार हुआ है।

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आईसीजेएस 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना का चल रहा आधुनिकीकरण था। डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने और पुलिस, जेलों, अभियोजन पक्ष, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और अदालतों के बीच निर्बाध सूचना साझाकरण को सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस सिस्टम, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, क्यूआर कोड रीडर और प्रिंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंडपॉइंट और एलईडी डिस्प्ले सिस्टम सहित उन्नत प्रौद्योगिकी उपकरणों की खरीद और तैनाती की जा रही है।

Pic Credit : ANI


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