बेंगलुरु: मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा नामांकन दाखिल किया

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित विधानसभा भवन विधान सौधा में कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया भी मौजूद रहे। 

कर्नाटक में राज्यसभा की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को आयोजित किया जाएगा। कर्नाटक कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह के बीच राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने बेंगलुरु पहुंचे।

बेंगलुरु पहुंचने पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

केम्पेगौडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर राहुल गांधी ने एक पौधा लगाया और उसे पानी देकर उसका संरक्षण करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मंत्री एम.बी. पाटिल और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु शहरी क्षेत्र से जुड़े विभागों के बंटवारे को लेकर किया गया अपना वादा पूरा नहीं किया। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता स्थिति पर चर्चा के लिए बेंगलुरु पहुंचे।

इससे पहले कोरमंगला स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह अपना इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि इसे स्वीकार करना है या नहीं, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।

उन्होंने दावा किया कि सरकार गठन के समय उनसे वादा किया गया था कि ढाई साल बाद उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास से जुड़ा विभाग सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी आश्वासन के आधार पर उन्हें उस व्यवस्था को स्वीकार करने के लिए राजी किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके भाई डी.के. सुरेश ने उनके घर जाकर व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिलाया था कि किया गया वादा पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद बाद में उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास से जुड़ा विभाग देने के बजाय जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

कर्नाटक की नई कांग्रेस सरकार के लिए एक और चुनौती सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने उन्हें सौंपे गए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस मंत्रालय का कार्यभार नहीं संभालेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मामले में हस्तक्षेप करने और स्थिति को सुधारने की मांग की है।

Pic Credit : ANI


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