ममता बनर्जी अपनी हार के बहाने ढूंढ रही हैं

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देश के 12 राज्यों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों से राजनीति गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी अपनी हार के बहाने ढूंढ रही हैं। 

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बिहार के बाद एसआईआर पूरे देश में लागू किया जा रहा है। ममता बनर्जी को परेशानी इसलिए है, क्योंकि उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दिलाने का काम किया है। चुनावों में भारत का नागरिक ही वोट डाल सकता है, कोई बांग्लादेशी या बाहरी व्यक्ति वोट नहीं डाल सकता है।

योगेंद्र चंदोलिया ने यह भी कहा कि अगर ममता बनर्जी ने किसी तरह की गड़बड़ी की तो केंद्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ेगा।

भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “ममता बनर्जी जानती हैं कि इस चुनाव में उनकी भारी हार होने वाली है। बिहार के नतीजों ने उन्हें परेशान कर दिया है और वह अपनी हार के बहाने ढूंढ रही हैं। बंगाल में जंगलराज है और उसे हटाना है। राज्य के लोगों के मन में ‘भाजपा सरकार’ है, उसी को हम स्थापित करेंगे।

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उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम न कट जाएं, इसलिए ममता बनर्जी को परेशानी हो रही है। वे वोटबैंक की राजनीति करती हैं, लेकिन यह अब नहीं चलेगा।

एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा, “विपक्षी नेता एसआईआर को लेकर सिर्फ भ्रम की राजनीति कर रहे हैं। जब उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो कोर्ट ने एसआईआर को रोकने से मना कर दिया, जो एक अच्छा कदम है।

भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने ममता बनर्जी के ‘एनआरसी’ वाले बयान पर जवाब दिया और कहा कि केंद्र सरकार का इस तरह का कोई मकसद नहीं है। वे जानबूझकर एक खास वोटबैंक को डराने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही हैं। सच यह है कि 18 साल से ऊपर के सिर्फ भारतीय नागरिक ही चुनावों में वोट डाल सकते हैं।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘एसआईआर’ पर विरोध करते हुए कहा, “अगर भाजपा बंगाल में मुझे चोट पहुंचाने की कोशिश करेगी तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी।

Pic Credit : ANI


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