भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल भले अभी बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। लेकिन न्यूज साइकिल में बने रहने का प्रयास उसकी ओर से लगातार होता है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी पहुंचे तो यह कोई अनहोनी बात नहीं है। प्रधानमंत्री घूमते ही रहते हैं और वाराणसी तो उनका चुनाव क्षेत्र है। लेकिन भाजपा की ओर से ऐसा नैरेटिव बनाया गया, जैसे अब प्रधानमंत्री ने अगले साल के उत्तर प्रदेश के चुनाव अभियान का आगाज कर दिया। इसी रूप में उनकी यात्रा को प्रचारित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित किया और कांग्रेस व सपा सहित तमाम विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं को अधिकार देना चाहते थे लेकिन विपक्ष ने उसमें अड़ंगा लगा दिया। महिला अधिकार का मैसेज बनवाने का साथ साथ भाजपा की ओर से यह प्रचार शुरू हुआ कि अभी पश्चिम बंगाल का चुनाव समाप्त भी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी अगले चुनाव वाले राज्य में पहुंच गए। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 27 अप्रैल को प्रचार बंद हुआ और 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री वाराणसी में रैली को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल में लगातार रैलियां और रोड शो कर रहे थे। इस नैरेटिव में चाहे जितनी सचाई हो लेकिन यह सवाल तो है कि कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के नेता क्या करते हैं? समाजवादी पार्टी तो फिर भी उत्तर प्रदेश में कुछ मेहनत कर रही है लेकिन भाजपा से पूरे देश में लड़ने का दावा करने वाली कांग्रेस न पश्चिम बंगाल में लड़ती दिखी और न अभी राष्ट्रीय स्तर पर कहीं दिख रही है।
