नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहुप्रतीक्षित मुलाकात मंगलवार को हुई। जी 7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने फ्रांस के एवियन शहर पहुंचे मोदी समूह के सात सदस्य देशों के प्रमुख और अतिथि देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में शामिल हुए। इसी बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात हुई। ट्रंप और मोदी ने करीब पांच मिनट तक बात की। इसके बाद दोनों बैठक में एक साथ बैठे नजर आए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप से यह मुलाकात करीब 16 महीने के बाद हुई है। इससे पहले दोनों की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। ट्रंप के राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे। बताया जा रहा है कि ट्रंप और मोदी बुधवार को दोपक्षीय वार्ता कर सकते हैं। शाम साढ़े छह बजे दोनों के बीच व्यापार समझौते और अन्य दोपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते, टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार समझौता प्रस्तावित है। पिछले दिनों अमेरिकी वार्ताकारों की टीम भारत आई थी और कहा गया था कि 99 फीसदी सहमति बन गई है और जल्दी ही अंतरिम समझौता हो सकता है।
बहरहाल, इससे पहले सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 52वें जी 7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सहित कई वैश्विक नेता शामिल हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया का दो दिन का दौरा पूर करके मंगलवार को फ्रांस पहुंचे। स्लोवाकिया जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में थे और नीस शहर में उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ दोपक्षीय वार्ता की थी। उसके बाद वे स्लोवाकिया गए, जहां दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। स्लोवाकिया ने मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया। फ्रांस के एवियन शहर में जी 7 की बैठक से इतर कई विश्व नेताओं से प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता हो सकती है।
