नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 18वें दिन जंग ने नया मोड़ लिया। अमेरिका और इजराइल ने अब ईरान के तेल और गैस ठिकानों पर बड़ा हमला शुरू किया है। जवाब में ईरान ने भी खाड़ी में अमेरिका के दोस्त देशों पर हमले की चेतावनी दी है और यह भी कहा कि दुश्मन के सुरक्षित ठिकानों पर हमला किया जाएगा। इस बीच ईरान के तेल व गैस भंडार पर हमले की कतर ने निंदा की है। कतर ने कहा है कि इस तरह के हमले से पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा संकट में पड़ेगी।
इससे पहले अमेरिका और इजराइल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे थे। लेकिन बुधवार को ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल व गैस सुविधाओं पर हवाई हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस फील्ड माना जाता है। खबरों के मुताबिक हमले में गैस के साथ साथ पेट्रोकेमिकल और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया है। इजराइली मीडिया ने बुशेहर क्षेत्र में गैस सुविधाओं पर हमले की जानकारी दी है। लेकिन सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमले की पुष्टि न तो अमेरिका ने की है और न इजराइल ने।
हालांकि इस हमले से पहले इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा था कि ईरान और लेबनान में ‘बड़े सरप्राइज’ देखने को मिलेंगे। तभी माना जा रहा है कि इस हमले की योजना पहले से बनी थी, जिसका जिक्र इजराइल के रक्षा मंत्री ने किया। बहरहाल, गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने लोगों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने को कहा है।
दूसरी ओर अमेरिका के सहयोगी कतर ने ईरान के गैस फील्ड पर हमले की निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक और गैर जिम्मेदाराना कदम है। उन्होंने कहा कि यह गैस फील्ड कतर के नॉर्थ फील्ड का विस्तार है और इस पर हमला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। कतर ने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्र की स्थिरता, पर्यावरण और आम लोगों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं।
अमेरिका और इजराइल की ओर से साउथ पार्स गैश फील्ड पर हमले के बाद आईआरजीसी ने कहा कि आने वाले घंटों में सऊदी अरब, कतर और यूएई के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा ईरान ने दुश्मन के सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाने की भी चेतावनी दी है। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका और इजराइल ने खार्ग द्वीप पर हमला किया था तो वहां भी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया था। वहां ईरान की सबसे बड़ी तेल फैसिलिटी है, जिसे नहीं निशाना बनाया गया। लेकिन अब तेल और गैस के ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
