नई दिल्ली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर लगतार होर्मुज की खाड़ी खुलवाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दो बार दुनिया के 40 से ज्यादा देशों के साथ ऑनलाइन बैठक कराई, जिसमें सभी देशों ने होर्मुज खोलने पर सहमति जताई। अब तक ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों के एप्रोच की आलोचना करते रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आखिरकार ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से बात की।
फोन पर हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही जल्दी बहाल करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने माना कि अगर होर्मुज में शिपिंग प्रभावित रहती है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई पर गंभीर असर पड़ेगा। ब्रिटेन ने खास तौर पर कहा कि इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि स्टार्मर ने ट्रंप को बताया कि वह फ्रांस के साथ मिलकर समुद्री रास्तों को फिर से सुरक्षित और चालू करने के प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच खबर है कि जापान को अमेरिका से कच्चे तेल का पहला टैंकर मिला है। ओटिस नाम का यह टैंकर करीब 9.1 लाख बैरल टेक्सास का कच्चा तेल लेकर टोक्यो के पास एक रिफाइनरी तक पहुंचा। यह टैंकर करीब 35 दिन का लंबा सफर तय कर पनामा नहर के रास्ते जापान पहुंचा। खास बात यह है कि इसे होर्मुज की खाड़ी से नहीं गुजरना पड़ा, जहां मौजूदा हालात के कारण जोखिम बढ़ गया है। माना जा रहा है कि खाड़ी संकट की वजह से वैश्विक तेल सप्लाई का पैटर्न बदल रहा है और एशियाई देश नए रास्तों और सप्लायर्स की तलाश कर रहे हैं।
