नेपाल में बालेंद्र शाह का कमाल

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काठमांडू। रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल में सरकार बनाने की स्थिति में पहुँच गई है। पार्टी ने नेपाल के आम चुनाव में भारी बहुमत हासिल किया है, जिससे राजनीतिक रूप से अस्थिर देश में स्थापित पुरानी पार्टियों को बड़ा झटका लगा है।

नेपाल के निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित इस पार्टी ने उन 165 सीटों में से 117 सीटों पर पहले ही जीत हासिल कर ली है, जिनके लिए प्रत्यक्ष मतदान प्रक्रिया के तहत चुनाव होता है। वहीं प्रतिनिधि सभा चुनाव में पार्टी आठ अन्य सीटों पर आगे चल रही है। निर्वाचन आयोग अब तक 165 में से 152 सीटों के परिणाम घोषित कर चुका है।

नेपाली कांग्रेस (एनसी) 17 सीट जीतकर दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री पद से हटाए गए के. पी. शर्मा ओली की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने केवल सात सीटें जीती हैं और तीन सीटों पर आगे है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) सात सीटों पर विजयी रही है, जबकि श्रम संस्कृति पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है और एक सीट पर आगे है। राष्ट्रीय प्रजापति पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है। जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने काठमांडू घाटी के तीन जिलों के सभी 15 निर्वाचन क्षेत्रों में अन्य पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है।

‘बालेन’ के नाम से मशहूर आरएसपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार 35 वर्षीय बालेंद्र शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल की प्रमुख पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष और चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोट के भारी अंतर से हराया।

नेपाल के निर्वाचन आयोग ने बताया कि ‘बालेन’ को 68,348 वोट मिले, जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 वोट मिले।

बालेन के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। वहीं इस चुनाव में आरएसपी की जीत को देश में स्थापित पारंपरिक दलों को जनता द्वारा खारिज किए जाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


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