अविश्वास को हवा!

Categorized as संपादकीय

नेता विपक्ष का सनसनीखेज बयान उस वक्त आया है, जब लोगों में चिंता बढ़ रही है। उधर युवा असंतोष की अभिव्यक्ति के रूप में सोशल मीडिया पर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी सड़क पर उतरने जा रही है।

राहुल गांधी के इस बयान से अनिश्चय और अस्थिरता के माहौल को हवा मिलेगी कि नरेंद्र मोदी सरकार का प्रशासन पर से नियंत्रण खत्म हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग, खुफिया एजेंसियों और न्यायपालिका के अंदर से उन्हें संदेश मिल रहे हैं, जिसका सार है कि सिस्टम पर कंट्रोल ढह रहा है। गांधी ने दावा किया कि ऊंचे पदों पर बैठे लोग चुनाव प्रक्रिया पर लोगों में बढ़े अविश्वास और आर्थिक दिक्कतों के कारण संभावित जन प्रतिक्रिया को लेकर चिंतित हैं। कांग्रेस नेता यह कहने की हद तक चले गए कि साल भर के अंदर या तो मोदी सरकार गिर जाएगी या संभव है कि वह इमरजेंसी लगाने जैसे कदम उठा ले!

नेता विपक्ष ने यह सनसनीखेज बयान उस वक्त दिया है, जब गहराते आर्थिक एवं वित्तीय संकट को लेकर चिंता बढ़ रही है, परीक्षा व्यवस्था में जाहिर हुई गड़बड़ियों से युवा वर्ग नाराज है, तथा इन हालात के प्रतिक्रिया स्वरूप सोशल मीडिया पर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार से सड़क पर उतरने का इरादा जताया है। बुधवार को सीजेपी की पहली प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया का खूब जमावड़ा लगा। शनिवार को प्रस्तावित उसके विरोध प्रदर्शन को कई मशहूर शख्सियतों का समर्थन मिला है। ये परिघटना अपने- आप में समाज खासकर नौजवानों में गहराए असंतोष का संकेत है।

इसके बीच विपक्ष के नेता का यह कहना कि आ रही आर्थिक सुनामी को रोकना अब संभव नहीं है और प्रशासनिक तौर पर देश “फुल कंट्रोल से आउट ऑफ कंट्रोल” के दौर में जा रहा है, देश के निकट एवं मध्यकालिक भविष्य को लेकर नई आशंकाओं को जन्म देगा। ऐसे हालात बनने का एक बड़ा कारण सत्ता पक्ष की तरफ हर विरोध और असहमति के प्रति अपनाई गई असहनशीलता है। इससे राजनीति एवं समाज के स्तर पर असहमत खेमों के बीच संवाद टूटा हुआ है। बहरहाल, अब हालात बेहद चिंताजनक रूप ले रहे हैं। अतः अपेक्षित है कि शासक दल संवाद के तार जोड़े। विपक्ष एवं असंतुष्ट समूहों को शिकायतों के निवारण के प्रति आश्वस्त कर ही बढ़ते अविश्वास पर नियंत्रण पाया जा सकता है।


Previous News Next News

More News

आप का अलायंस कांग्रेस के लिए खतरा

September 15, 2026

आम आदमी पार्टी की राजनीति का एक हिस्सा अपने चुनाव जीतने का तो है लेकिन साथ ही दूसरा हिस्सा कांग्रेस को कमजोर करते जाने का भी है। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी ने गोवा और गुजरात में कांग्रेस का बड़ा नुकसान किया था। गुजरात में आप को 13 फीसदी के करीब वोट मिले थे,…

ब्रिक्स के लाइमलाइट से दूर रहे शाह

September 15, 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ब्रिक्स नेताओं के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए रात्रिभोज में शामिल हुए थे। वे अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही बस में सवार होकर भारत मंडपम पहुंचे थे। जेपी नड्डा, ओम बिरला, निर्मला सीतारमण आदि उसी बस में थे। हालांकि उससे पहले या उसके बाद…

ब्रिक्स से दक्षिण की राजनीति पर नजर

September 15, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान तमिल कवि तिरुवल्लुर की किताब तिरूवक्कुल की प्रति रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेंट की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया भर के नेताओं का स्वागत जिस बैकग्राउंड में किया वह तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर का था। हालांकि कहने को कहा जा सकता है कि हर…

नंदीग्राम में ममता का तीसरा उम्मीदवार

September 15, 2026

ममता बनर्जी विधानसभा की दो सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ रही हैं। पहले माना जा रहा था कि वे चुनाव लड़ सकती हैं। हुमायूं कबीर ने उनको अपनी खाली की हुई सीट से लड़ने का प्रस्ताव दिया था। यह भी कहा जा रहा था कि वे नंदीग्राम से…

संघ परिवार: किस का पैरोकार?

September 15, 2026

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका में कहा: “यदि कोई हिन्दू सोचे, कि भारत में कोई मुस्लिम नहीं रहना चाहिए, तो वह हिन्दू नहीं है। यदि आप अपने को हिन्दू कहना चाहते हैं, तो आप को विश्वास होना चाहिए कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं।” पूछना चाहिए: यदि वे इतना अभेद…

logo