बिगड़ती जा रही बात

Categorized as संपादकीय

लद्दाख में असंतोष गहराना भारत के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकता है। भारत सरकार को वहां वैसा एकतरफा रुख नहीं अपनाना चाहिए, जैसा वह अन्य जन समूहों के आंदोलनों के समय अपनाती रही है। उसे लद्दाख की बात सुननी चाहिए।

लद्दाख के संगठन- एपेक्स बॉडी लेह (एबीएल) का केंद्र के साथ बातचीत से हटना इस केंद्र शासित प्रदेश में स्थितियों के उलझने का संकेत है। एबीएल के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे लाकरुक ने कहा- ‘हमें राष्ट्र विरोधी कहना हमारी देशभक्ति पर कलंक है। हम बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं कर सकते।’ एबीएल ने अगली बातचीत से पहले राष्ट्र-विरोधी का आरोप वापस लेने और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित सभी गिरफ्तार लद्दाखियों की रिहाई की मांग की है। एबीएल का यह रुख और लद्दाखी कार्यकर्ताओं की हालिया टिप्पणियां वहां गहरा रहे असंतोष का संकेत हैँ।

लाकरुक ने मीडिया इंटरव्यू में कहा- ‘लेह के लोग धारा 370 को अभिशाप समझते थे, क्योंकि यह लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने की राह में रुकावट था। लेकिन इस अनुच्छेद ने 70 साल तक हमें संरक्षण दिया। इसके ना होने के बाद ये सारा इलाका बाकी देश के लोगों के लिए खुल गया है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा घट गई है।’ ऐसी बातें लोग सामान्यतः घोर निराशा की हालत में कहते हैँ। अब यह सवाल केंद्र से है कि अगस्त 2019 में लद्दाख के लोगों में जो आशाएं पैदा हुईं, उन्हें पूरा क्यों नहीं किया गया? केंद्रीय अधिकारी अज्ञात नामों के साथ ऐसी मीडिया ब्रीफिंग कर रहे हैं, जिनमें ‘हैरत’ जताई जा रही है कि लद्दाख में ‘अभूतपूर्व विकास’ के बावजूद इतना असंतोष क्यों है!

तो साफ है कि केंद्र की समझ और लद्दाख- वासियों के अहसास में गहरी खाई बन चुकी है। 24 सितंबर की हिंसक घटनाओं ने इसे अविश्वास में तब्दील कर दिया है। बहरहाल, लद्दाख के जख्म अभी हरे हैं। यह सही मौका है कि केंद्र ‘अभूतपूर्व विकास’ के अपने कथानक से निकल कर लद्दाख- वासियों के मन की बात को पूरी संजीगदी से सुने। लद्दाख सीमाई इलाका है, जिसके हिस्सों पर चीन की नज़र रही है। वहां के लोगों में असंतोष गहराना भारत के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकता है। अतः भारत सरकार को वैसा एकतरफा रुख नहीं अपनाना चाहिए, जैसा वह अन्य जन समूहों के आंदोलनों के समय अपनाती रही है। उसे लद्दाख की बात सुननी चाहिए।


Previous News Next News

More News

सुप्रीम कोर्ट का बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को रिहा करने के निर्देश

July 28, 2026

उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने पर गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए उन सभी छात्रों को मंगलवार को रिहा करने का आदेश दिया जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार और असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा केरल सरकारों…

युवाओं को रोजगारदाता बनाने की दिशा में योगी सरकार की बड़ी पहल

July 28, 2026

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ‘यूथ अड्डा’ पहल को प्रदेश भर में विस्तार देने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह पहल नई पीढ़ी की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और इसके…

महबूबा ने जंतर-मंतर पर दिये बयान के लिए मांगी माफी

July 28, 2026

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर पर दिये अपने विवादित बयान के लिए मंगलवार को माफी मांगी। गौरतलब है कि सुश्री मुफ्ती ने अभी हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होकर कश्मीर में मौजूदा उग्रवाद का जिक्र करते हुए वहां बल…

उत्तरकाशी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

July 28, 2026

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में सोमवार देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा पर निकले हजारों तीर्थयात्रियों तथा स्थानीय लोगों का…

अमेरिका-ईरान के बीच ‘सौहार्दपूर्ण वार्ता’ जारी : ट्रंप

July 28, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल “सौहार्दपूर्ण वार्ता” चल रही है, हालांकि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। श्री ट्रंप ने मिशिगन के मिलफोर्ड में सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “हम उन पर जबरदस्त…

logo