बेंगलुरू। कर्नाटक कांग्रेस के दिग्गज नेता और वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले डीके शिवकुमार आखिरकार राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनको बुधवार की शाम को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान शिवकुमार हाथ में संविधान लिए हुए थे। दलित समाज से आने वाले पूर्व गृह मंत्री जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है।
गौरतलब है कि डीके शिवकुमार को 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। उससे पहले सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा था कि तेल की किल्लत और महंगाई को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह सादा रखा जाएगा। तभी उन्होंने लोकभवन में ही शपथ ली।
शिवकुमार के साथ मंत्री पद की शपथ लेने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे और सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र भी शामिल हैं। इनके अलावा केएच मुनियप्पा, एमवी पाटिल, यूटी खादर, सतीश जरकिहोली आदि नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। ईसाई समुदाय से आने वाले केजे जॉर्ज को भी मंत्री बनाया गया है। राज्य में कुल 34 मंत्री हो सकते हैं लेकिन अभी 14 लोगों को ही शपथ दिलाई गई है। इसमें सीएम सहित तीन वोक्कालिगा, तीन लिंगायत, तीन दलित, दो ओबीसी मंत्री हैं। इनके अलावा अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम और ईसाई समुदाय से एक एक मंत्री बनाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है। शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेस नेता शामिल हुए। शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले मंगलवार सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्लुसी) का सदस्य नियुक्त किया गया। कांग्रेस आलाकमान चाहता है कि वे राज्यसभा जाएं लेकिन उन्होंने इसके लिए मना किया है।
