सड़क से अदालत तक

कोलकाता की घटना संघीय ढांचे के चरमराने का संकेत है। संबंधित पक्ष ऐसे विवादों से सड़कों पर निपटने लगें, तो उसका अर्थ है कि बात संवैधानिक व्यवस्था के दायरे में नहीं रह गई है। आखिर इस तरह की नौबत क्यों आई? कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे का मुकाबला मुख्यमंत्री ममता… Continue reading सड़क से अदालत तक

ट्रंप की विश्व दृष्टि

जब पूछा गया कि क्या उनकी वैश्विक शक्ति की कोई सीमा है, तो डॉनल्ड ट्रंप ने कहा- ‘हां, एक चीज है- मेरी अपनी नैतिकता। मेरा अपना दिमाग। यही एक चीज है, जो मुझे रोक सकता है।’ जो बातें डॉनल्ड ट्रंप पर बतौर इल्जाम कही जाती थीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब खुद उसकी पुष्टि कर दी… Continue reading ट्रंप की विश्व दृष्टि

अब चुप्पी तोड़ दीजिए!

ट्रंप ने जिस तरह मोदी की उनसे मिलने की कथित बेसब्री का जिक्र किया और अपाची हेलीकॉप्टरों के सौदे पर गलतबयानी की, वह सिरे से अस्वीकार्य होना चाहिए। मगर इस पर भी भारत सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया! डॉनल्ड ट्रंप अपनी खामख्यालियों में रहते हैं। आत्म-प्रशंसा में बहते हुए वे अपनी खूबियों… Continue reading अब चुप्पी तोड़ दीजिए!

हेडलाइन भर मजबूत है

ज्यादा चिंता का पहलू निजी उपभोग की वृद्धि दर में गिरावट है। यानी इनकम टैक्स की छूट सीमा 12 लाख रुपये करने, जीएसटी दरों का नया ढांचा लागू करने, और मुद्रास्फीति कम रहने के बावजूद निजी उपभोग में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। केंद्र ने अपने पहले वार्षिक अनुमान में कहा है कि 2025-26 में भारत… Continue reading हेडलाइन भर मजबूत है

यही भारत कथा है

ये मामला भारत में मोनोपॉली, ड्यूओपॉली और कार्टेल्स बनने की बढ़ती गई शिकायतों की पुष्टि है। इसी का परिणाम है कि उत्पादन संबंधी इनपुट लागत ऊंची बनी रही है, जिससे निवेश और बाजार के विस्तार के लिए प्रतिकूल स्थितियां बनी हैं। कॉम्पीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि बड़ी स्टील उत्पादक… Continue reading यही भारत कथा है

ये हाल कैसे हुआ!

ट्रंप प्रशासन से संपर्क करने के लिए भारत को ऐसी लॉबिंग फर्म पर क्यों निर्भर होना पड़ा है, जिसके संस्थापकों को डॉनल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है? व्यापार हो या भू राजनीति- क्या ट्रंप प्रशासन से भारत का सीधा संवाद नहीं है। क्या भारत के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों को अमेरिकी अधिकारियों से… Continue reading ये हाल कैसे हुआ!

जमानत का नया पैमाना

खालिद और इमाम पांच साल से जेल में हैं, जबकि निचली अदालत में मुकदमे की जिरह तक अभी शुरू नहीं हुई है। क्या यह सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी नहीं है कि वह ऐसी देर के लिए भी जवाबदेही तय करे? फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार नौजवानों की जमानत अर्जी पर फैसला… Continue reading जमानत का नया पैमाना

धमकी भर से हड़कंप

ट्रंप भारत को लगातार धमकियां दे रहे हैं, इसके बावजूद कि भारत ने अमेरिका से दोगुना तेल खरीदा है। मुद्दा है कि भारत अमेरिका के सामने इतना लाचार क्यों नजर आता है? जाहिरा तौर पर इसकी वजह भारत की अपनी कमजोरियां हैँ। डॉनल्ड ट्रंप ने संकेतों की भाषा में धमकी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी… Continue reading धमकी भर से हड़कंप

वोट खरीद की योजनाएं

बुजुर्गों को पेंशन मिले, यह कल्याणकारी सोच है। मगर ऐसी सामाजिक सुरक्षा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को क्यों मिलनी चाहिए? सरकारी कर्मचारियों को एक अलग सुविधा-प्राप्त वर्ग के रूप में रखने के प्रयासों के दुष्परिणाम पहले भी सामने आ चुके हैं। बिहार की तर्ज पर असम सरकार ने भी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के… Continue reading वोट खरीद की योजनाएं

खेल में बिगड़ती बात

बीसीसीआई ने गड़बड़झाला किया। क्या अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत को बांग्लादेश से क्रिकेट संबंध तोड़ लेना चाहिए? बीसीसीआई ऐसा सोचती है, तो फिर उसने बांग्लादेश के खिलाड़ियों को आईपीएल नीलामी में क्यों शामिल किया? टी-20 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए भारत ना आने का बांग्लादेश का एलान क्रिकेट और भारत दोनों… Continue reading खेल में बिगड़ती बात

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