सौ फीसदी सही बात

‘देश के दूसरे हिस्सों के बाशिंदों को वायु प्रदूषण से दिल्ली जैसी ही राहत क्यों नहीं मिलनी चाहिए? क्या इसलिए कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और सुप्रीम कोर्ट भी यहीं मौजूद है, इसलिए सिर्फ यहां की हवा प्रदूषण मुक्त होनी चाहिए?’ प्रदूषण रोकने संबंधी चर्चा में प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई ने महत्त्वपूर्ण आयाम जोड़ा… Continue reading सौ फीसदी सही बात

गहराती हुई चुनौतियां

एससीओ की आतंकवाद विरोधी एजेंसी की सदारत अब पाकिस्तान करेगा, जिसे भारत पहलगाम हमले के लिए दोषी मानता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति का उपाध्यक्ष वह पहले से ही है। पाकिस्तान अब शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की आतंकवाद-विरोधी एजेंसी का अध्यक्ष बन गया… Continue reading गहराती हुई चुनौतियां

ट्रंप को चाहिए आत्महंता

ट्रंप के नजरिए में अमेरिका के अलावा किसी अन्य देश की समृद्धि के लिए कोई गुंजाइश नहीं हैं। उनका दोमुंहापन जग-जाहिर है। फिर भी हैरतअंगेज है कि उनकी त्योरियों के हिसाब से भारत के सत्ताधारी हलकों की भंगिमाएं बदलने लगती हैं। जिस रोज डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय… Continue reading ट्रंप को चाहिए आत्महंता

नौबत ही क्यों आए!

नेपाल में सोशल मीडिया पर ‘नेपो-किड्स’ जैसे हैशटैग बेहद लोकप्रिय हुए। नेताओं और उनके परिजनों को उपलब्ध विलासिता और विशेषाधिकारों ने लोगों में आक्रोश भरा। इसका जब धमका हुआ, तो तमाम बड़े नाम और चेहरे उसकी लपेट में आ गए। नेपाल में हुईं भयानक घटनाओं के साथ भारत में सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ी है… Continue reading नौबत ही क्यों आए!

ब्रिक्स समूह का मोर्चा

ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका के अलावा बाकी लगभग सभी देशों ने अमेरिकी टैरिफ वॉर की सीधी आलोचना से बचने की कोशिश की। ब्रिक्स+ की यही समस्या है। इसमें अधिकांश ऐसे देश शामिल हैं, जो दोनों ओर पांव रखना चाहते हैँ। ब्रिक्स+ में अमेरिका के टैरिफ वॉर को लेकर नाराजगी है, लेकिन यह भी… Continue reading ब्रिक्स समूह का मोर्चा

सुलगता हुआ भू-तल

जब बेहतर जिंदगी के अवसरों का अभाव हो- और उस कारण सतह के नीचे की जमीन सुलग रही हो, तो हल्की-सी किसी चिंगारी भी आग भड़का देती है। नेपाल में ऐसी चिंगारियों के संकेत हाल में लगातार मिले हैं। नेपाल में सोशल मीडिया कंपनियों को पंजीकृत करवाने के लिए किए गए प्रावधान को अनुचित नहीं… Continue reading सुलगता हुआ भू-तल

अब इवेंट का वक्त!

जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद शेयर बाजार के रुझान पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। ठीक उसी तरह, जैसे इस वर्ष के बजट में तकरीबन एक करोड़ लोगों को आय कर से मुक्ति देने के सरकार के निर्णय पर हुआ था। प्रधानमंत्री ने सत्ताधारी एनडीए के नेताओं से कहा है कि जीएसटी की दो… Continue reading अब इवेंट का वक्त!

खाई और ना बढ़ाएं

सारे देश में एसआईआर से संबंधित निर्वाचन आयोग की बैठक में इस पर अवश्य विचार होना चाहिए कि आयोग में विपक्षी समूहों का भरोसा क्यों घट रहा है? कथित वोट चोरी के आरोपों पर जनमत का एक हिस्सा क्यों यकीन करने लगा है? बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित याचिकाओं… Continue reading खाई और ना बढ़ाएं

पांच साल, पांच पीएम

जापान में 1955 में वर्तमान संविधान लागू होने के बाद के 70 वर्षों में से 66 साल एलडीपी ही सत्ता में रही है। फिर भी देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर में है। उसकी वजहें देश में गहराया मायूसी का माहौल है। जापान में 2020 के बाद से हर साल प्रधानमंत्री बदलने का सिलसिला आगे बढ़… Continue reading पांच साल, पांच पीएम

मणिपुर का जटिल रास्ता

मैतई और कुकी-जो के बीच अविश्वास की खाई इतनी गहरा चुकी है कि उनमें से किसी एक को पसंद आने वाले करार से दूसरा समुदाय भड़क जाता है। दोनों समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद से हालात सुलगते रहे हैं। केंद्र और मणिपुर के कुकी-जो समुदाय के विद्रोही संगठनों के बीच एक दूसरे पर… Continue reading मणिपुर का जटिल रास्ता

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