महंगाई दर बनाम मांग

डब्लूपीआई के गिरने का अर्थ है कि थोक खरीद में गिरावट आई। मतलब यह कि कारोबारियों को अगले दो या तीन महीनों में बाजार में मांग बढ़ने की संभावना नजर नहीं आती। ऐसा जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद हुआ है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दर… Continue reading महंगाई दर बनाम मांग

चाहिए सतर्क दृष्टि

ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ वॉर में भारत के प्रति कोई नरमी नहीं बरती है। क्या वार्ता के अगले चरण में वह ऐसा करेगा? या भारत अपनी ‘लक्ष्मण रेखाओं’ एवं विदेश नीति संबंधी संप्रभुता पर समझौता करने पर राजी हो जाएगा? अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के अगले दौर के लिए भारतीय दल… Continue reading चाहिए सतर्क दृष्टि

सबके लिए राहत

गजा लड़ाईबंदी के मौके को बड़ा इवेंट बनाने इजराइल और फिर मिस्र पहुंचे ट्रंप ने एलान किया कि युद्ध रुक गया है, तो दुनिया ने उस पर सहज यकीन किया। मगर ये सवाल कायम है कि यह ‘शांति’ कितनी टिकाऊ होगी? डॉनल्ड ट्रंप की 20 सूत्री ‘शांति योजना’ के तहत गजा में लड़ाई रुकने से… Continue reading सबके लिए राहत

आखिर समाधान क्या है?

कथित जातीय उत्पीड़न के मामले अक्सर सामने आते हैं। मामला शांत होने तक हर बार यही चर्चा होती है कि आज भी किस हद तक जातिगत भेदभाव फैला हुआ है। मगर ऐसी चर्चाएं कभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचतीं। हरियाणा कैडर के आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्म-हत्या को संस्थागत जातीय उत्पीड़न की मिसाल बताया… Continue reading आखिर समाधान क्या है?

पाकिस्तान की खामख्यालियां

बेशक, टीटीपी पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती है। उसके अड्डे अफगानिस्तान में हैं। मुमकिन है कि तालिबान सरकार पाकिस्तान की मर्जी के मुताबिक टीटीपी पर कार्रवाई ना कर रही हो। मगर इसका हल सीधे सैन्य कार्रवाई करना नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर कथानक अपने अनुरूप ढालने में मिली कामयाबी और उसके बाद… Continue reading पाकिस्तान की खामख्यालियां

तालिबान का ऐसा रुतबा!

मुत्ताकी ऐसी सरकार के विदेश मंत्री हैं, जिसे आज भी ज्यादातर देशों की मान्यता हासिल नहीं है। वे अपने देश के कायदे यहां लागू करना चाहें और कामयाब हो जाएं, तो उस पर आक्रोश ही जताया जा सकता है! यह अपने वर्तमान और भारत की विदेश नीति पर एक प्रतिकूल टिप्पणी है। संभवतः अफगानिस्तान की… Continue reading तालिबान का ऐसा रुतबा!

तेज हुआ व्यापार युद्ध

आशंका है कि नए दौर का व्यापार युद्ध अधिक हानिकारक होगा, जिसकी मार पूरी दुनिया पर पड़ेगी। अब ये आकलन भी सच होता लग रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच बने अंतर्विरोधों के सद्भावपूर्ण समाधान की गुंजाइशें सिकुड़ चुकी हैं। अमेरिका और चीन- के बीच व्यापार युद्ध ना सिर्फ तेज हो गया है,… Continue reading तेज हुआ व्यापार युद्ध

तेज हुआ व्यापार युद्ध

आशंका है कि नए दौर का व्यापार युद्ध अधिक हानिकारक होगा, जिसकी मार पूरी दुनिया पर पड़ेगी। अब ये आकलन भी सच होता लग रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच बने अंतर्विरोधों के सद्भावपूर्ण समाधान की गुंजाइशें सिकुड़ चुकी हैं। अमेरिका और चीन- के बीच व्यापार युद्ध ना सिर्फ तेज हो गया है,… Continue reading तेज हुआ व्यापार युद्ध

सोना इतना महंगा क्यों?

सोने के साथ-साथ क्रिप्टो करेंसी का भाव भी बढ़ा है। अमेरिकी शेयर बाजार ऊंचाई पर हैं। इसका शिकार अमेरिकी सरकार के बॉन्ड बने हैं। हाल में प्रमुख मुद्राओं के बास्केट की तुलना में डॉलर की कीमत नौ फीसदी गिरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव प्रति औंस 4000 डॉलर पार कर गया है। भारत… Continue reading सोना इतना महंगा क्यों?

टिकाऊ शांति का रास्ता?

फिलहाल, गजा के बाशिंदों को बड़ी राहत मिली है। मगर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने दो-राज्य सिद्धांत के तहत स्वतंत्र फिलस्तीन की स्थापना करवाने की चुनौती है, जिसके बिना कोई समझौता स्थायी शांति नहीं ला पाएगा। इजराइल और हमास के बीच शांति समझौते के पहले चरण पर सहमति बनने के साथ गज़ा में लड़ाई रुकने… Continue reading टिकाऊ शांति का रास्ता?

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