जीडीपी वृद्धि दर को जितनी मोटी सुर्खियों में दिखाया जाता है, उतने ही ध्यानाकर्षक ढंग से यह नहीं बताया जाता कि यह दर किस आधार पर हासिल हुई और कुल (नोमिनल) और वास्तविक वृद्धि दर में कितना फर्क है। जुलाई से सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़ों ने एक तरह का कौतुक पैदा किया है। जिस… Continue reading आंकड़ों का धुंधला आईना
