कीमत चुकाने का वक्त

पिछले वित्त वर्ष में जिस राज्य में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के नौ फीसदी से ज्यादा रहा हो और जहां बजट का 64 प्रतिशत हिस्सा फिक्स्ड मदों में जाता हो, वहां ये सवाल अहम है कि अतिरिक्त धन कहां से आएगा? बिहार में चुनाव से ठीक पहले करोड़ों मतदाताओं को नकदी ट्रांसफर करने (या करने का… Continue reading कीमत चुकाने का वक्त

नेट तटस्थता को चुनौती

इंटरनेट सेवा की तटस्थता के सिद्धांत को फिर चुनौती मिली है। देश की प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो ने टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथरिटी ऑफ इंडिया से नेट न्यूट्रिलिटी से संबंधित प्रावधान को बदलने की मांग की है। नौ साल पहले नेट न्यूट्रलिटी का सवाल अहम होकर उभरा था। इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां चाहती थीं… Continue reading नेट तटस्थता को चुनौती

आपराधिक न्याय की धज्जियां

यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा हुआ हो। इस मामले में बात सिर्फ यह है कि हमारी आपराधिक न्याय व्यवस्था मानव चेतना को आहत करने वाले एक कांड में भी दोषियों तक कानून के हाथ नहीं पहुंचा सकी। हृदयविदारक निठारी कांड का अभियुक्त सुरिंदर कोली सुप्रीम कोर्ट से बरी होकर जेल से बाहर आ… Continue reading आपराधिक न्याय की धज्जियां

जो अंदर की बात

ताजा ट्रेंड में एक गंभीर चिंता का पहलू छिपा है। लगातार पांच महीने से खुदरा खाद्य मुद्रास्फीति गिर रही है। इससे उद्योगिक उत्पादों की तुलना में खाद्य पदार्थ सस्ते हो रहे हैं। कृषि निर्भर आबादी के लिए यह चिंताजनक खबर है। अक्टूबर में मुद्रास्फीति की दर महज 0।25 प्रतिशत रही। 2012 में- जब उपभोक्ता मूल्य… Continue reading जो अंदर की बात

बिहार कल क्या कहेगा?

प्रशांत किशोर का दावा सही हुआ, तो अन्य राज्यों में भी राजनीति के नए उद्यमी प्रोत्साहित होंगे। उससे अभी जारी सियासी एकरसता टूटेगी। मगर एनडीए जीता, तो नकदी ट्रांसफर कर वोट “खरीदने” की कायम हो चुकी परिपाटी और आगे बढ़ेगी। बिहार विधानसभा के चुनाव में मतदान का रिकॉर्ड बना। वहां 66.91 प्रतिशत मतदान होना अपने-आप… Continue reading बिहार कल क्या कहेगा?

आतंकवाद और अमेरिका

इस्लामाबाद में हुए बम धमाके में 12 मौतें हुईं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुरंत इसके लिए भारत को दोषी बता दिया। और उतनी ही फुर्ती से इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस पर अपना बयान जारी किया। सुरक्षा एजेंसियों ने 10 नवंबर को आतंकवाद के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा… Continue reading आतंकवाद और अमेरिका

मंडराया आतंक का साया

पाकिस्तान को सबक सिखाने के क्या माध्यम हमारे पास हैं? ऑपरेशन सिंदूर को जिस तरह बीच में रोक दिया गया, उससे सवाल ज्यादा गंभीर हो गए हैँ। बिना इनका जवाब दिए देश में आश्वस्ति का वातावरण नहीं बनाया जा सकेगा।  दिल्ली में लाल किले के पास कार विस्फोट से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने फरीदाबाद… Continue reading मंडराया आतंक का साया

समस्या कहीं गहरी है

बिना आर्थिक भागीदारी बढ़ाए और सामाजिक परिवेश बदले सिर्फ राजनीति प्रतिनिधित्व देना प्रतीकात्मक महत्त्व भर का साबित हो सकता है। ऐसी अनेक मिसालें अभी मौजूद हैं। अतः महिला आरक्षण की बहस को अधिक बड़ा फ़लक दिए जाने की जरूरत है।  सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को ‘सबसे बड़ी अल्पसंख्यक’ बताया है। अगर इसका अर्थ निर्णय के… Continue reading समस्या कहीं गहरी है

नकाब का उतर जाना

नए संशोधन के तहत फील्ड मार्शल असीम मुनीर कमांडर ऑफ डिफेंस फोर्सेज बन कर सेना के सभी अंगों के प्रमुख बन जाएंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से अपनी पहल पर मामलों का संज्ञान लेने का अधिकार छीन लिया जाएगा। पाकिस्तान में संविधान संशोधन के जरिए सत्ता का नया ढांचा कायम कर दिया गया है। या… Continue reading नकाब का उतर जाना

मुसीबत बताना जुर्म है!

संभवतः सरकार की निगाह में उससे असहमत या उसकी नाकामियों पर बात करने वाली हर आवाज अवैध है, इसलिए प्रदूषण पर बेफिक्री के खिलाफ इंडिया गेट पर जुटे महिलाओं और बुजुर्गों तक को पुलिस जबरन अपनी बसों में ले गई। दिल्ली में जहरीली हुई हवा पर सरकारी बेफिक्री के खिलाफ नई दिल्ली में इंडिया गेट… Continue reading मुसीबत बताना जुर्म है!

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