पुतिन की शर्तों पर?

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यूक्रेन में जल्द लड़ाई रुकने की संभावना नहीं है। इसका अंदाजा ट्रंप को भी है, जिन्होंने जेलेन्स्की के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि शांति समझौते पर पूरी सहमति बनने में अभी कई हफ्ते लग सकते हैं। 

वोलोदीमीर जेलेन्स्की इस उम्मीद के साथ डॉनल्ड ट्रंप से मिलने गए कि यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति उन्हें कम-से-कम चेहरा बचाने का आवरण देंगे। मगर जेलेन्स्की से मिलने से ठीक पहले ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से फोन पर सवा घंटे बात की और ऐसा लगता है कि उस दौरान पुतिन ने जो कहा, उसे यूक्रेन के राष्ट्रपति के सामने दोहरा दिया। जेलेन्स्की चाहते हैं कि दोनबास इलाके पर रूसी कब्जे को वैधानिक मान्यता देने के मुद्दे पर वे अपने देश में जनमत संग्रह कराएं। इसके लिए कम-से-कम 60 दिन के लिए युद्धविराम हो। मगर पुतिन इसके लिए तैयार नहीं हैं।

वे कहते रहे हैं कि युद्धविराम का अर्थ यूक्रेन को अपनी ताकत फिर से संगठित करने का मौका देना होगा। जेलेन्स्की से हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि रूस को दोनबास सौंपने के मुद्दे पर यूक्रेन की ‘संसद में मतदान हो सकता है अथवा जनमत संग्रह हो सकता है।’ इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि पुतिन यूक्रेन के प्रति उदार नजरिया अपना रहे हैं- यहां तक कि लड़ाई रुकने के बाद वे यूक्रेन को सस्ती दर पर ऊर्जा आपूर्ति करने को तैयार हैं। जहां तक लड़ाई के बाद यूक्रेन की सुरक्षा का सवाल है, तो इस बारे में भी ट्रंप ने जेलेन्स्की को कोई दो टूक आश्वासन नहीं दिया। जेलेन्स्की ऐसा आश्वासन चाहते हैं कि रूस दोबारा हमला करे, तो नाटो देश उसे खुद पर हमला मानें। मगर ऐसा भरोसा देने से ट्रंप ने मना कर दिया है।

जेलेन्स्की से मुलाकात के पहले ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं से बातचीत की। चूंकि उन्हें भी ट्रंप से सकारात्मक सुनने को कुछ नहीं मिला, तो अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा के सवाल पेरिस में यूरोपीय नेताओं की बैठक बुलाने का एलान किया है। जाहिर है, अब जेलेन्स्की उस बैठक के नतीजे का एलान करेंगे। यानी यूक्रेन में जल्द लड़ाई रुकने की संभावना नहीं है। इसका अंदाजा ट्रंप को भी है, जिन्होंने जेलेन्स्की के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि शांति समझौते पर पूरी सहमति बनने में अभी कई हफ्ते लग सकते हैं।


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