दो पाटन के बीच

यह निर्विवाद है कि अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच की खींचतान ने उन मध्यवर्गीय लोगों की इलाज संबंधी आश्वस्ति छीन ली है, जिनके लिए निरंतर निजीकरण का शिकार हुए हेल्थ सेक्टर में बीमा पॉलिसी की एकमात्र सहारा है। कई बड़े अस्पतालों और कुछ बीमा कंपनियों के बीच छिड़े हालिया विवाद ने मेडिकल बीमा के… Continue reading दो पाटन के बीच

निर्यात की कमजोर जड़ें

अगस्त में निर्यात की सूरत अपेक्षा से बेहतर रही। इसमें 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मगर आयात में 10.1 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इससे आशंका गहराई है कि अमेरिकी टैरिफ का पूरा असर अभी जाहिर नहीं हुआ है। यह अच्छी खबर है कि अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात 6.7 प्रतिशत बढ़ा। इस महीने… Continue reading निर्यात की कमजोर जड़ें

बम का जवाब बोली

इस्लामी नेताओं के बयानों को इजराइल ठेंगे पर रखता है। संभवतः इसे दिखाने के लिए ही उसने सोमवार को गजा में भयंकर बमबारी की। साथ ही गजा पर कब्जा करने के लिए जमीनी हमले की शुरुआत उसने कर दी। कतर की राजधानी दोहा पर नौ सितंबर को हुए इजराइली हमले पर विरोध जताने के लिए… Continue reading बम का जवाब बोली

रोज नए- नए तीर!

ट्रेड डील भारत की भी जरूरत है। इसलिए आयात शुल्कों में कुछ समायोजन करना पड़े, तो उसके लिए भारत को हमेशा तैयार करना चाहिए। मगर ट्रंप प्रशासन की बेज़ा मांगों और बेतुकी बातों को सिरे से ठुकरा दिया जाना चाहिए। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत पर नया तीर चलाया है। यह बेतुकी दलील… Continue reading रोज नए- नए तीर!

फिर भी चक्का जाम!

मंत्रियों और सरकार समर्थक विश्लेषकों के मुताबिक यह नए निवेश के लिए आदर्श समय है। मगर हकीकत यह है कि अब तक निवेश- उत्पादन- रोजगार सृजन- उपभोग एवं वृद्धि और उससे प्रेरित नए निवेश का चक्का हिला तक नहीं है। संभव है कि नरेंद्र मोदी सरकार के अंदर सचमुच यह समझ हो कि अर्थव्यवस्था में… Continue reading फिर भी चक्का जाम!

अब निर्माण का वक्त

नेपाल में अब चुनौती राजनीतिक व्यवस्था के नव-निर्माण के साथ-साथ वैसे आर्थिक कार्यक्रम तय करने की भी है, जिससे नौजवानों को वैसी अवसरहीनता और हताशा से उबारा जा सके, जो हालिया भूकंपीय घटनाक्रम की जड़ में रही हैं। आम जन के मन में बैठे गुबार के विस्फोट से सत्ता तंत्र के उड़े परखचे अभी भी… Continue reading अब निर्माण का वक्त

सौ फीसदी सही बात

‘देश के दूसरे हिस्सों के बाशिंदों को वायु प्रदूषण से दिल्ली जैसी ही राहत क्यों नहीं मिलनी चाहिए? क्या इसलिए कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और सुप्रीम कोर्ट भी यहीं मौजूद है, इसलिए सिर्फ यहां की हवा प्रदूषण मुक्त होनी चाहिए?’ प्रदूषण रोकने संबंधी चर्चा में प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई ने महत्त्वपूर्ण आयाम जोड़ा… Continue reading सौ फीसदी सही बात

गहराती हुई चुनौतियां

एससीओ की आतंकवाद विरोधी एजेंसी की सदारत अब पाकिस्तान करेगा, जिसे भारत पहलगाम हमले के लिए दोषी मानता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति का उपाध्यक्ष वह पहले से ही है। पाकिस्तान अब शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की आतंकवाद-विरोधी एजेंसी का अध्यक्ष बन गया… Continue reading गहराती हुई चुनौतियां

ट्रंप को चाहिए आत्महंता

ट्रंप के नजरिए में अमेरिका के अलावा किसी अन्य देश की समृद्धि के लिए कोई गुंजाइश नहीं हैं। उनका दोमुंहापन जग-जाहिर है। फिर भी हैरतअंगेज है कि उनकी त्योरियों के हिसाब से भारत के सत्ताधारी हलकों की भंगिमाएं बदलने लगती हैं। जिस रोज डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय… Continue reading ट्रंप को चाहिए आत्महंता

नौबत ही क्यों आए!

नेपाल में सोशल मीडिया पर ‘नेपो-किड्स’ जैसे हैशटैग बेहद लोकप्रिय हुए। नेताओं और उनके परिजनों को उपलब्ध विलासिता और विशेषाधिकारों ने लोगों में आक्रोश भरा। इसका जब धमका हुआ, तो तमाम बड़े नाम और चेहरे उसकी लपेट में आ गए। नेपाल में हुईं भयानक घटनाओं के साथ भारत में सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ी है… Continue reading नौबत ही क्यों आए!

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