मध्यम मार्ग ही उचित

एआई से तैयार कंटेन्ट आज एक ऐसी हकीकत हैं, जिनके साथ जीना समाज को सीखना होगा। ऐसे कंटेन्ट समाज उथल-पुथल का जरिया बन सकते हैं। अतः इस कारोबार से जुड़े सभी पक्षों को न्यूनतम अनुशासन स्वीकार करना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से तैयार कंटेन्ट को विनियमित करने के लिए पिछले हफ्ते सरकार ने नियमों का… Continue reading मध्यम मार्ग ही उचित

लोकपाल नया जंजाल?

लोकपाल का रिकॉर्ड ऐसा है, जिससे उस पर हो रहे सरकारी खर्च के औचित्य पर सवाल खड़ा हो जाता है। यह लोगों के कमजोर भरोसे का ही संकेत है कि इस संस्था के पास आने वाली शिकायतों में भारी गिरावट आ चुकी है। वैसे तो मांग बहुत पुरानी थी, लेकिन 2011 में अन्ना आंदोलन के… Continue reading लोकपाल नया जंजाल?

करार में संभल के

ट्रंप के लिए गोल-पोस्ट बदल लेना आम बात है। रूस से तेल खरीदारी रुकवाने तक वे सीमित रहेंगे, यह सोचना भूल है। ब्रिक्स+ से अलगाव और भारतीय पूंजी का अमेरिका में निवेश करवाना उनकी अगली प्राथमिकताएं हो सकती हैं। भारत सरकार जिसे पहले देश की ऊर्जा जरूरतों के मुताबिक अपना संप्रभु निर्णय कहती थी, उस… Continue reading करार में संभल के

निष्पक्ष पुष्टि जरूरी है

केरल के तमाम लोगों को चरम गरीबी से मुक्त करने के सरकारी दावे के निष्पक्ष परीक्षण की जरूरत बनी हुई है। अपेक्षित है कि राज्य सरकार इसके लिए संयुक्त राष्ट्र या विश्व बैंक जैसी किसी एजेंसी को आमंत्रित करे। केरल सरकार अगले एक नवंबर को एक समारोह में एलान करेगी कि राज्य को चरम गरीबी… Continue reading निष्पक्ष पुष्टि जरूरी है

अगर ऐसा सचमुच हुआ

कलबुर्गी स्थित जिस कॉल सेंटर की सेवा इसके लिए ली गई, उसे मतदाता के नाम को काटने की हर अर्जी के लिए 80 रुपए दिए गए। दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच ऐसी कुल 6,018 अर्जियां दी गईं। कर्नाटक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) इस नतीजे पर पहुंचा है कि राज्य के अलांद… Continue reading अगर ऐसा सचमुच हुआ

मतलब तो सध गया!

महाराष्ट्र की बहुचर्चित मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के तहत 12,431 पुरुषों को 13 महीनों तक तय रकम दी गई। साथ ही 77,980 ऐसी महिलाओं को भी इसका लाभ मिला, जो तय शर्तों के मुताबिक लाभ पाने के योग्य नहीं थीं। सियासी पार्टियां ‘वोट खरीदने’ के लिए सार्वजनिक धन का कैसा दुरुपयोग कर रही हैं,… Continue reading मतलब तो सध गया!

ट्रंप और ट्रेड डील

भारत अमेरिकी कृषि पैदावार के लिए अपने बाजार और अधिक खोल सकता है। रूसी तेल का आयात घटाने का जिक्र भी संभव है। मगर तब सवाल उठेगा कि क्या भारत की संप्रभुता तथा ऊर्जा एवं कृषि हितों से समझौता किया गया है? डॉनल्ड ट्रंप “महान व्यक्ति” नरेंद्र मोदी की मुश्किलें बढ़ाते जा रहे हैं, जिनके… Continue reading ट्रंप और ट्रेड डील

महा-गठबंधन की मुश्किलें

गठबंधन की मुश्किलें अलग-अलग स्तरों पर हैं। पहला स्तर तो लालू यादव का परिवार है, जिसमें टूट-फूट की चर्चाओं और दुरभिसंधि की अटकलों से भ्रम लगातार गहराता गया है। फिर घटक दलों में अपनी ताकत को लेकर बैठा हुआ भ्रम है। बिहार में महा-गठबंधन उद्देश्य की एकता का संदेश देने में विफल रहा है। इसके… Continue reading महा-गठबंधन की मुश्किलें

लिस्ट में सबसे नीचे

बुजुर्गों को आत्म-सम्मान की जिंदगी मिले, इसके लिए पर्याप्त और सुविधाजनक पेंशन व्यवस्था अनिवार्य है। मगर भारत में ऐसी बहुत छोटी आबादी है, जिन्हें यह लाभ मिला हुआ है। नतीजतन, वैश्विक पेंशन सूचकांक में भारत सबसे नीचे आया है। रिटायरमेंट के बाद- यानी वृद्धावस्था में- एक न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की दुनिया में मौजूद व्यवस्थाओं… Continue reading लिस्ट में सबसे नीचे

माओवाद का पराभव

यह बहस का मुद्दा है कि माओवाद का पराभव सिर्फ सरकारी नजरिया बदलने के कारण हुआ है, या अतिवादी रणनीति तथा भारतीय राज्य के चरित्र एवं समाज की समझ संबंधी गलतियां माओवादियों को इस मुकाम तक ले आई हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के हाथों भारतीय संविधान की कॉपी ग्रहण कर वरिष्ठ माओवादी नेता… Continue reading माओवाद का पराभव

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