कितना गिरेगा रुपया?

मुद्रा विनिमय सूचकांकों के मुताबिक इस वर्ष भारतीय रुपया एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। मुद्रा कारोबारियों की नजर फिलहाल अमेरिका से संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर टिकी है, जिससे रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद है। डॉलर का मूल्य 89 रुपये से अधिक हो चुका है। अंदेशा है कि अगले कुछ… Continue reading कितना गिरेगा रुपया?

रस्म-अदायगी की हद!

‘कॉप-30 इतिहास में सबसे घातक टॉक शो के रूप में याद रखा जाएगा, जहां कई दिन इस चर्चा में गुजार दिए गए कि चर्चा क्या करनी है। सरकारों की कोशिश थी कि किसी प्रकार की वचनबद्धता से बचा जाए।’ जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का संबंधित पक्षों का सम्मेलन (कॉप) निरर्थकता की ऐसी हद पर… Continue reading रस्म-अदायगी की हद!

यह नया न्याय शास्त्र!

बड़ा सवाल है कि क्या भारतीय न्याय प्रणाली के तहत किसी व्यक्ति को वित्तीय जुर्माना चुका कर आपराधिक अभियोग से मुक्त होने का अवसर दिया जाना चाहिए? आधुनिक न्याय प्रणाली में फौजदारी मामलों से इस तरह मुक्त होने की कोई अवधारणा नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक बहुचर्चित मामले के अभियुक्तों से… Continue reading यह नया न्याय शास्त्र!

जी-20 और अमेरिका

जी-20 की सार्थकता पर प्रश्नचिह्न लगातार गहरा रहे हैँ। इस मंच के साझा वक्तव्य हर गुजरते वर्ष के साथ अपना वजन गंवाते चले गए हैं। ट्रंप काल में अमेरिका के बदले नजरिए ने इस प्रक्रिया को और तेजी दे दी है।  दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन से संकेत देने की कोशिश… Continue reading जी-20 और अमेरिका

जीडीपी की नई सीरीज़

सरकार जीडीपी माप को अपडेट करने जा रही है, तो प्रयास यह होना चाहिए कि जीडीपी की गणना और आम जन के जीवन स्तर में अधिकतम संबंध बने, ताकि नई शृंखला वास्तव में भारत की आर्थिक स्थिति का आईना बन सके। केंद्र ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई शृखंला शुरू करने के लिए चर्चा… Continue reading जीडीपी की नई सीरीज़

एक और रण क्षेत्र

मौजूदा हालात में सरकारी नीतियों से प्रभावित किसी तबके लिए संघर्ष करना या अपनी मांगें मनवाना आसान नहीं रह गया है। इसलिए चार श्रम संहिताओं के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का संघर्ष भी बहुत प्रभाव छोड़ पाएगा, इसकी संभावना कम है। संसद से पारित होने के बाद चार श्रम संहिताओं को लागू करने में सरकार को… Continue reading एक और रण क्षेत्र

यूक्रेन युद्ध के सबक

समझौता हुआ, तो ट्रंप को ‘शांति दूत’ होने का दावा करने का एक और मौका मिलेगा। उधर पुतिन की हैसियत बढ़ेगी। जबकि अमेरिकी नेतृत्व वाली ‘नियम आधारित दुनिया’ के भरोसे बैठे देश खुद को ठगा गया महसूस करेंगे। यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 28 सूत्री शांति योजना पेश की… Continue reading यूक्रेन युद्ध के सबक

व्यावहारिक दृष्टि की कमी

बिहार में हुए एसआईआर के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया में सुधार के कई निर्देश दिए। अब 12 राज्यों में जारी एसआईआर में उन उपायों को लागू किया गया है। इससे बीएलओज पर काम का बोझ बढ़ गया है। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच कई बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की मौत… Continue reading व्यावहारिक दृष्टि की कमी

केंद्र ने जो चाहा!

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने व्यवस्था दी है कि राज्यपाल के विधेयकों को लटकाए रखने जैसे मामलों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने ऐसा करने को शक्तियों के विभाजन की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ करार दिया है। विधानसभा से पारित विधेयकों को मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने… Continue reading केंद्र ने जो चाहा!

ना कानून, ना कोर्ट!

पुनरीक्षण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 2-1 के बहुमत से मई में दिए गए फैसले को पलट दिया है। नतीजतन, पर्यावरण मंजूरी की बिना परवाह किए काम शुरू करो और बाद में मंजूरी ले लो- यह चलन जारी रहेगा। कानून यह है कि कोई किसी भी निर्माण परियोजना पर काम पर्यावरण संबंधी मंजूरी… Continue reading ना कानून, ना कोर्ट!

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