‘असीमित दोस्ती’ कैसे बने?

कुल मिला कर द्विपक्षीय संबंध रूस के पक्ष में बेहद झुका हुआ है। उसका क्या समाधान पुतिन पेश करेंगे? उधर रूस और चीन के हित एक दूसरे के संपूरक बने हुए हैं, जबकि यह पहलू भारत के नजरिए एक समस्या है। नई दिल्ली आने से ठीक पहले व्लादीमीर पुतिन ने भारत- रूस के संबंध के… Continue reading ‘असीमित दोस्ती’ कैसे बने?

राजकोष में लगी सेंध

कहा गया था कि जीएसटी में कटौती से बाजार में खरीदारी इतनी ज्यादा बढ़ेगी कि सरकार के कर राजस्व में असल में इजाफा होगा। लेकिन जीएसटी वसूली के अक्टूबर के आंकड़ों ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है। एक ही दिन आई तीन खबरों ने उस गुब्बारे में पिन चुभो दी है कि जिसे… Continue reading राजकोष में लगी सेंध

गले पड़ा एक ‘साथी’

ऐसे सारे निर्णय बिना किसी सार्वजनिक बहस के लिए जा रहे हैं। अतः इस अंदेशे में दम है कि भारत को एक ऐसे समाज में बदला जा रहा है, जहां व्यक्ति की प्राइवेसी के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी। हर स्मार्टफोन सेट में संचार साथी ऐप डालने के केंद्र के निर्देश पर जागरूक तबकों… Continue reading गले पड़ा एक ‘साथी’

प्रक्रिया उलझाऊ ना बने

यह सोच अपने-आप में सही जगह पर है कि मकान किराए पर लगाने का कारोबार औपचारिक दायरे में आए और जहां अपने मकान की सुरक्षा को लेकर मालिक आश्वस्त हों, वहीं किराएदार के अधिकारों का भी संरक्षण हो। भारत सरकार का कहना है कि मकान किराया संबंधी नए नियमों में उसने मकान मालिक और किरायेदार… Continue reading प्रक्रिया उलझाऊ ना बने

संसद में बहस जरूरी

एसआईआर संसद के शीतकालीन सत्र में विवाद का बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। उचित होगा कि सरकार पुराने संसदीय नियमों का हवाला देकर मौजूदा हाल पर बहस को ना रोके। सदन में सबको अपनी बात कहने दी जाए। किसी प्रक्रिया के जारी रहने के दौरान उसके नियम बदलते रहें, तो उसे इसकी मिसाल ही… Continue reading संसद में बहस जरूरी

आंकड़ों का धुंधला आईना

जीडीपी वृद्धि दर को जितनी मोटी सुर्खियों में दिखाया जाता है, उतने ही ध्यानाकर्षक ढंग से यह नहीं बताया जाता कि यह दर किस आधार पर हासिल हुई और कुल (नोमिनल) और वास्तविक वृद्धि दर में कितना फर्क है। जुलाई से सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़ों ने एक तरह का कौतुक पैदा किया है। जिस… Continue reading आंकड़ों का धुंधला आईना

पुतिनः यात्रा के पेच

इस बार पुतिन की यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस पर कई दूसरे कोण से भी नजर रहेगी। यात्रा के दौरान क्या सौदे होते हैं और कैसा माहौल नजर आता है, इसकी निगरानी अमेरिकी अधिकारी जरूर करेंगे। रूस के राष्ट्रपति गुरुवार को भारत आएंगे। 24 घंटों से अधिक समय तक वे नई दिल्ली में… Continue reading पुतिनः यात्रा के पेच

ढहता हुआ ढांचा?

अब हरियाणा के खेल बुनियादी ढांचे पर भी सवाल खड़ा होने लगे हैं, जिससे वहां प्रतिभाओं के उदय की जमीन तैयार हुई थी। 48 घंटों के अंदर दो बॉस्केटबॉल खिलाड़ियों की हादसों में मौत की खबर सदमा पहुंचाने वाली है। भारत के खेल मानचित्र पर इस सदी में हरियाणा का शानदार उदय हुआ। वहां से… Continue reading ढहता हुआ ढांचा?

एसआईआर के जख्म

हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है, मगर उसके रुख से नहीं लगता कि वह एसआईआर प्रक्रिया से असंतुष्ट है। लेकिन यह कहानी का सिर्फ एक पक्ष है। इसका दूसरा पक्ष राजनीतिक दायरे में घट रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणियां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बल… Continue reading एसआईआर के जख्म

संविधान के अनुरूप

भारतीय सेना ने सर्व धर्म प्रार्थना की परंपरा अपने धर्मनिरपेक्ष चरित्र के अनुरूप स्थापित की है। अपेक्षित है कि ऐसे सिद्धांतों पर दृढ़ता से अमल किया जाए- चाहे मामला किसी भी धर्मावंबी से जुड़ा हुआ हो। सुप्रीम कोर्ट ने यह उचित व्याख्या की है कि कोई सैनिक भारतीय सेना के सामूहिक आचार-धर्म के ऊपर धर्म… Continue reading संविधान के अनुरूप

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