बंगाल में भाजपा के पास सिर्फ नैरेटिव है

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले माहौल पूरा गरम है। केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने आजमाए हुए दांव के तौर पर चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की भाजपा विरोधी पार्टी यानी तृणमूल कांग्रेस को केंद्रीय एजेंसियों के दम पर परेशान करने लगी है तो दूसरी ओर ममता बनर्जी अपनी आदत के मुताबिक सड़कों… Continue reading बंगाल में भाजपा के पास सिर्फ नैरेटिव है

भारत रत्न का मतलब संन्यास नहीं होता

बिहार और झारखंड दोनों जगह इन दिनों भारत रत्न की चर्चा बहुत हो रही है। रोचक बात यह है कि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की चर्चा राजनीतिक कारणों से हो रही है। कुछ साल पहले तक भारत रत्न सम्मान को राजनीति से परे देखा जाता था। लेकिन अब यह राजनीति को प्रभावित करने वाला… Continue reading भारत रत्न का मतलब संन्यास नहीं होता

केरल में पहली बार लेफ्ट और कांग्रेस को चुनौती

पांच साल बीत जाने के बाद भी कांग्रेस यह नहीं समझ पाई है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में वह कैसे हारी। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की 20 में से 19 सीटों पर जीत हासिल की। राहुल गांधी अमेठी की पारंपरिक सीट से हार गए थे लेकिन केरल की वायनाड सीट… Continue reading केरल में पहली बार लेफ्ट और कांग्रेस को चुनौती

असम में क्या पूरी होगी कांग्रेस की उम्मीद?

अप्रैल में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे, जिनमें से दो राज्य कांग्रेस की उम्मीदों के प्रदेश हैं। कांग्रेस को केरल और उसके साथ साथ असम से बहुत उम्मीदें हैं। कांग्रेस को लग रहा है कि 10 साल की सत्ता ने प्रदेश में भाजपा को अलोकप्रिय बनाया है और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के भड़काऊ… Continue reading असम में क्या पूरी होगी कांग्रेस की उम्मीद?

तमिलनाडु में त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला

इस साल जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं उनमें पश्चिम बंगाल के बाद सबसे अहम तमिलनाडु का चुनाव है। हालांकि पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि डीएमके के नेतृत्व वाले सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस यानी एसपीए की राह आसान है और इस बार फिर सत्ता में उसकी वापसी हो सकती… Continue reading तमिलनाडु में त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला

चुनाव से बड़ी बंगाल की लड़ाई

पश्चिम बंगाल विधानसभा की लड़ाई एक समान्य चुनावी लड़ाई नहीं है। यह उससे कहीं ज्यादा है। भारतीय जनता पार्टी और उसके दोनों सर्वोच्च नेताओं नरेंद्र मोदी और अमित शाह के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई है। मोदी और दीदी यानी नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी के कल्ट की ल़डाई है। भाजपा और भाजपा विरोध के… Continue reading चुनाव से बड़ी बंगाल की लड़ाई

उम्मीद-ए-सहर की बात सुनो!

नई सुबह और नई उम्मीदों के साथ नए साल का स्वागत है। बीता हुआ साल अच्छा नहीं था। अप्रैल में पहलगाम में बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें देश के अलग अलग हिस्सों के 25 बेकसूर सैलानियों और एक स्थानीय कश्मीर व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में… Continue reading उम्मीद-ए-सहर की बात सुनो!

इक्कीसवीं सदी का चौथाई सफर पूरा

साल 2025 की समाप्ति के साथ ही 21वीं सदी का एक चौथाई सफर पूरा हो गया। सो, यह इस बात के आकलन का समय है कि गुजरे साल में और साथ ही गुजरे 25 सालों में भारत ने क्या हासिल किया। एक चौथाई सदी के नजरिए से नफा नुकसान का आकलन इसलिए जरूरी है क्योंकि… Continue reading इक्कीसवीं सदी का चौथाई सफर पूरा

सत्ता न हो तो कैसे लड़ेंगी पार्टियां?

यह लाख टके का सवाल है कि अगर किसी पार्टी के पास सत्ता नहीं है तो वह कैसे राजनीति करेगी और कैसे चुनाव लड़ेगी? सोचें, एक समय सत्ता में होना चुनाव में असफल होने का आधार बनता था लेकिन अब सत्ता में होना चुनाव जीतने की गारंटी बनता जा रहा है। एंटी इन्कम्बैंसी से प्रो… Continue reading सत्ता न हो तो कैसे लड़ेंगी पार्टियां?

जी राम जी पर होगी जोर आजमाइश

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी वीबी जी राम जी बिल पक्ष और विपक्ष में जोर आजमाइश का अखाड़ा बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 72 घंटे के अंदर बिल पेश करके संसद के दोनों सदनों से पास कराया तो अब विपक्ष इसके विरोध में सड़क पर उतरने और आंदोलन… Continue reading जी राम जी पर होगी जोर आजमाइश

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