मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने पर लगायी गयी रोक को 24 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया। उच्च न्यायालय ने इन सीटों से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ दायर चुनावी याचिकाओं के निपटारे तक इस स्थगन को आगे बढ़ाया है।
इससे पहले 10 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आयोग, केंद्र सरकार, तमिलनाडु विधानसभा सचिव और मुख्यमंत्री विजय सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था तथा चुनाव आयोग को 31 जुलाई तक चुनाव कराने से रोक दिया था। न्यायालय ने आज इस रोक को 24 अगस्त तक बढ़ा दिया।
दक्षिणी तिरुनेलवेली जिले के पालायमकोट्टई निवासी वेंकटचलपति द्वारा दायर याचिका पर जब आज शाम सुनवाई शुरू हुई, तो मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और न्यायाधीश जी. अरुल मुरुगन की प्रथम पीठ ने रोक की अवधि 24 अगस्त तक बढ़ा दी।
जिन पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा पर रोक लगायी गयी है, उनमें त्रिची ईस्ट, करूर, अंबासमुद्रम, विरालीमलाई और पेरुंदुरई शामिल हैं। राज्य में हालांकि मदुरंतकम और धारापुरम सहित कुल सात सीटें खाली हुई हैं।
इन सात सीटों में से छह पर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और एक सीट पर सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विजय का कब्जा था। विधानसभा सचिवालय ने इन सभी सात सीटों को रिक्त अधिसूचित कर चुनाव आयोग को सूचित कर दिया था, जिससे इन पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया था। इन पांच सीटों से जीते उम्मीदवारों की जीत को चुनौती देते हुए चुनावी याचिकाएं दायर की गयी थीं।
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त्रिची ईस्ट सीट मुख्यमंत्री विजय के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने दो सीटों से चुनाव जीता था और चेन्नई की पेरंबूर सीट को अपने पास बनाये रखने का फैसला किया था। अंबासमुद्रम सीट मौजूदा विधायक इसक्की सुब्बैया और पेरुंदुरई सीट विधायक एस जयकुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इसके अलावा करूर और विरालीमलाई सीटें क्रमशः पूर्व अन्नाद्रमुक मंत्रियों एमआर विजयभास्कर और डॉ. सी विजयभास्कर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं।
दूसरी ओर, मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें अन्नाद्रमुक की विधायक मरगथम कुमारवेल और पी. सत्याभामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।
विधानसभा में पार्टी के निर्देश के खिलाफ जाकर श्री विजय के विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक के सभी छह पूर्व विधायक इस्तीफा देने के बाद टीवीके में शामिल हो चुके हैं।
इन इस्तीफों के बाद अन्नाद्रमुक ने अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से गुहार लगाई थी कि मरगथम कुमारवेल, सत्याभामा, जयकुमार और इसक्की सुब्बैया के इस्तीफे स्वीकार न किये जायें, क्योंकि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित थी।
ये छह पूर्व विधायक उन 25 बागी विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
बाद में अन्नाद्रमुक ने इनमें से 21 विधायकों की माफी स्वीकार कर ली, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही बंद कर दी। चार विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की प्रक्रिया जारी रखी गयी।
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