नई नियुक्तियां राहुल के हिसाब से

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कांग्रेस के सुप्रीम लीडर राहुल गांधी धीरे धीरे पार्टी पर पूरी पकड़ बनाने में लग गए हैं। कांग्रेस ने तीन राज्यों में प्रभारियों की नियुक्ति की है, जिनको देख कर लग रहा है कि उन पर राहुल की स्पष्ट छाप है। कई तरफ से आलोचनाओं के बावजूद राहुल अपने लोगों को नियुक्त कर रहे हैं। ध्यान रहे पिछले दिनों कांग्रेस के बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार में कृष्णा अल्लावरू को प्रभारी और राजेश राम को अध्यक्ष बनाए जाने की आलोचना की थी और कहा था कि इनकी वजह से कांग्रेस पार्टी का पिछले चुनाव में बुरा हाल हुआ। उन्होंने कहा कि अराजनीतिक लोगों को कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया जा रहा है, जिनको कोई अनुभव नहीं है। राहुल द्वारा की गई दूसरी नियुक्तियों पर भी सवाल उठे। लेकिन वे इन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने तीन नेताओं को तरक्की देकर तीन राज्यों का प्रभारी बनाया है। ये तीनों अपेक्षाकृत कम अनुभवी हैं। बीके हरिप्रसाद के कर्नाटक का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हरियाणा में नए प्रभारी की नियुक्ति होनी थी तो राहुल ने महाराष्ट्र के संजय दत्त को प्रभारी बनाया। उत्तर प्रदेश में अविनाश पांडे जैसे बड़े नेता को हटा कर राजेंद्र पाल गौतम को बनाया और ओडिशा में अजय कुमार लल्लू को हटा कर लालजी देसाई को बनाया। भाजपा से सबक लेकर राहुल गांधी ने भी बाहर से आए नेताओं को तरजीह देनी शुरू की है। राजेंद्र पाल गौतम को कांग्रेस में गए दो साल भी नहीं हुए हैं। सितंबर 2024 में वे आम आदमी पार्टी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए थे और राहुल ने उनको कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया था। अब वे उत्तर प्रदेश के प्रभारी बने हैं। कुछ समय पहले वे बिना समय लिए मायावती से मिलने पहुंच गए थे। हालांकि वे मिली नहीं। इसी तरह लालजी देसाई सेवा दल में थे, जिनको ओडिशा का प्रभारी बनाया गया है। संजय दत्त महाराष्ट्र के एमएलसी थे। तीन का अनुभव ज्यादा नहीं है। हालांकि संगठन के काम से जुड़े रहे हैं।


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