सुनील शेट्टी और शर्मिष्ठा मुखर्जी को क्या चाहिए?

Categorized as राजनीति

एक तरफ सरकार के अधिकारी आरएसएस से नजदीकी दिखाने की होड़ में लगे हैं तो दूसरी ओर सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग खुल कर सामने आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में कुछ भी कहने को तैयार हैं। उनके बीच अलग होड़ मची है कि कौन किन शब्दों में तारीफ कर सकता है। हाल में फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी और कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुईं शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कुछ कमाल की बातें कही हैं। दोनों ने ऐसी रेखा खींची है, जिसे पार करने के लिए दूसरे लोगों को बड़ी मेहनत करनी होगी।

सुनील शेट्टी ने कहा है कि उनकी 15 महीने की पोती (नातिन) रोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजा करती है। उनकी तस्वीर के आगे आंख बंद करके खड़ी होती है और मोदी, मोदी करती है। एएनआई की स्मिता प्रकाश को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पोती मोदी की तस्वीर को लड्डू भी खिलाती है। सोचें, इसके बाद बाकी लोग क्या कहेंगे? सुनील शेट्टी ने मोदीजी को महामानव मानने वाले फिल्म बिरादरी के तमाम लोगों को पीछे छोड़ दिया है।

ऐसे ही पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अंग्रेजी के एक अखबार में लेख लिख कर किया है। उन्होंने लिखा है कि मोदी 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बने तो उनके बाबा से मिलने आए। उनके बाबा यानी प्रणब मुखर्जी उस समय राष्ट्रपति थे। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने लिखा है कि उनके बाबा यानी प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी देश के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। सोचें, जो बात भाजपा के लोग नहीं कह पाए वह बात शर्मिष्ठा मुखर्जी नहीं कही है। भाजपा के नेता यह कह रहे थे कि मोदी ने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नेहरू का रिकॉर्ड मोदी ने तोड़ा है। उन्होंने यह नहीं कहा कि मोदी पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। अब यह देखना है कि उनको मोदी की ओर से क्या मिलता है।


Previous News Next News

More News

मानसून सत्र में फिर मुद्दा होगा ऑपरेशन सिंदूर

June 29, 2026

पिछले साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद कोई सत्र ऐसा नहीं बीता है, जिसमें इस सैन्य अभियान, पाकिस्तान और अमेरिका को लेकर संसद में मुद्दा न उठा हो और उस पर विवाद नहीं हुआ हो। अगले महीने संसद का मानसून सत्र होगा और उससे पहले फिर से ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा सामने आ…

सभी अधिकारी अचानक संघी हो गए

June 29, 2026

मध्य प्रदेश के नेता कैलाश विजयवर्गीय कई मामलों में बहुत सही नेता हैं। वे कई बार बहुत साफगोई से कोई बात कह जाते हैं। कई बार तो बहुत विवादित बयान भी देते हैं। एक बार फिर उनके एक बयान पर विवाद छिड़ा है। उन्होंने एक भाषण में कह दिया कि भाजपा की सरकार बनी तो…

सुनील शेट्टी और शर्मिष्ठा मुखर्जी को क्या चाहिए?

June 29, 2026

एक तरफ सरकार के अधिकारी आरएसएस से नजदीकी दिखाने की होड़ में लगे हैं तो दूसरी ओर सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग खुल कर सामने आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में कुछ भी कहने को तैयार हैं। उनके बीच अलग होड़ मची है कि कौन किन शब्दों में तारीफ कर सकता…

डीएमके से और दूर हो रही है कांग्रेस

June 29, 2026

ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी अपनी दशकों पुरानी सहयोगी डीएमके से दूरी बढ़ाती जा रही है। पहले तो चुनाव समाप्त होते ही उसने डीएमके से संबंध समाप्त किया और टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे दिया। टीवीके प्रमुख विजय ने कांग्रेस को सरकार में शामिल किया और इस तरह तमिलनाडु में…

पासपोर्ट पर अनावश्यक विवाद !

June 29, 2026

अंतरराष्ट्रीय रूप से, पासपोर्ट राष्ट्रीयता का प्रतीक है, लेकिन यदि किसी की नागरिकता पर विवाद हो (जैसे आप्रवासन, आतंकवाद या दोहरी नागरिकता के मामले में), तो कोर्ट या सक्षम प्राधिकरण मूल दस्तावेजों: जन्म प्रमाण-पत्र, माता-पिता के दस्तावेज, प्राकृतिककरण प्रमाण आदि, की जांच करते हैं। भारत में यह स्थिति नई नहीं है; बॉम्बे हाईकोर्ट (2013) और…

logo