संसद के बजट सत्र में अगले हफ्ते तीन दिन कामकाज होगा। उसके बाद चार दिन की छुट्टी है। उगाडी और ईद के साथ दो दिन की सप्ताहांत की छुट्टी होगी। सो, अगले हफ्ते वैसे भी कामकाज कम होना है। लेकिन सवाल है कि क्या अगले हफ्ते केंद्र सरकार पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के लिए तैयार होगी? जानकार सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि सरकार एक संक्षिप्त चर्चा करा ले। शुक्रवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस बारे में बात हुई थी। हालांकि सरकार ने इस पर कोई वादा नहीं किया लेकिन उसने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के बारे में विचार किया जा सकता है।
अगर सरकार तैयार होती है तो सोमवार या मंगलवार को चर्चा हो सकती है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उससे पहले सरकार उम्मीद कर रही है कि पश्चिम एशिया में हालात कुछ सुधर जाएंगे और ईरान वादे के मुताबिक होरमुज की खाड़ी में भारत के जहाजों को रास्ता देगा, जिससे भारत के तेल के टैंकर गुजर सकेंगे। इससे देश में एलपीजी को लेकर चल रही मारामारी की स्थिति पर विराम लगेगा। सरकार के प्रबंधकों का मानना है कि अगर भारत के जहाजों के लिए रास्ता खुल जाए तब भी धारणा बदल जाएगी और लोग पैनिक होना बंद कर देंगे। इससे अपने आप गैस एजेंसियों के सामने कतारें लगनी बंद हो जाएंगी। ऐसा हो जाए तो सरकार को चर्चा में आसानी होगी।
