यह गजब खबर है, जिसे पढ़ कर दिल दहल गया। सोचें, महाराष्ट्र का यह हाल है कि राज्य सरकार के पास अपनी योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं और उसे अपने पेड़ गिरवी रख कर कर्ज लेना पड़ रहा है। यह कोई मजाक की बात नहीं है। महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री गणेश नाईक ने खुद यह बात कही है। सोचें, एक समय विजय माल्या ने अपने किंगफिशर ब्रांड की वैल्यू लगा कर उसके ऊपर कर्ज लिया था तो उसे फ्रॉड माना गया था। बहरहाल गणेश नाईक ने कहा कि सरकार के सामने पैसे का संकट है। नाईक ने बताया कि पेड़ गिरवी रख कर कर्ज लिया जाएगा।
असल में महाराष्ट्र में पिछले चुनाव के समय ‘मुफ्त की रेवड़ी’ बांटने वाले जो फैसले हुए उससे राज्य पर राजस्व का बड़ा बोझ पड़ा है। गणेश नाईक ने इसका जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि माझी लड़की बहिन योजना की वजह से सरकार पर बड़ा वित्तीय दबाव है। हालांकि साथ ही यह भी कहा कि सरकार इन योजनाओं को जारी रखेगी। इन योजनाओं की वजह से सरकार की विकास की परियोजनाएं ठप्प पड़ी हैं। यहां तक कि रूटीन के काम के लिए पैसे की कमी पड़ रही है। तभी राज्य सरकार ने अपने सागवान के पेड़ गिरवी रखने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने सागवान के जो पेड़ लगवाए उनकी कीमत 12 हजार करोड़ रुपए के करीब आंकी गई है। उन पेड़ों को गिरवी रख कर सरकार छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी और उससे काम चलाएगी। अगर सुप्रीम कोर्ट ने जल्दी से जल्दी सुनवाई करके ऐसी योजनाओं पर रोक नहीं लगवाई तो पता नहीं राज्य सरकारों को क्या क्या गिरवी रखना पड़े!
