खाड़ी देशों में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: सुनेत्रा पवार

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खाड़ी देशों में तनावपूर्ण स्थित और युद्ध के हालात के बीच वहां फंसे महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित निकालने और हर संभव मदद पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है। इस बीच राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर, वहां फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर, वहां फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नागरिकों से संबंधित एजेंसियों के माध्यम से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उन्हें आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दुबई स्थित इंडियन पीपुल्स फोरम के सहयोग से महाराष्ट्र सरकार ने सहायता और समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू की है। जिन्हें तत्काल सहायता, जानकारी या मार्गदर्शन की आवश्यकता है, वे व्हाट्सएप हेल्पलाइन: +97150 365 4357 पर संपर्क कर सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि महाराष्ट्र के कई नागरिक खाड़ी देशों में मौजूदा तनाव की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार अलग-अलग एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं। इसके साथ ही वे केंद्र सरकार से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि राज्य के लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्री गिरीश महाजन को खास तौर पर कोऑर्डिनेशन का जिम्मा सौंपा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित विभागों, दूतावासों और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें, ताकि किसी भी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने में देरी न हो। राज्य सरकार का कहना है कि इस समय सबसे जरूरी है सही जानकारी इकट्ठा करना और फंसे हुए लोगों से सीधे संपर्क बनाना, ताकि उनकी स्थिति को समझकर उचित कदम उठाए जा सकें।

केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार के साथ खड़ी है और हर मुमकिन सहयोग दे रही है। विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है। जहां जरूरत होगी, वहां स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावासों की मदद से राहत और निकासी की व्यवस्था की जाएगी।

Pic Credit : ANI


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