ट्रंप ने दांवा किया ईरान बातचीत चाहता है

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नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के चौथे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई है। हालांकि यह मनोवैज्ञानिक दांव ज्यादा लग रहा है। इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन तब ईरान के नेतृत्व ने इसका खंडन कर दिया था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके दावा किया कि ईरान का डिफेंस सिस्टम तबाह हो गया है और लीडरशिप लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स और नेवी तबाह हो चुकी है। गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को भी ट्रंप ने कहा था कि ईरान नेता बातचीत के लिए तैयार हैं यह भी कहा था कि वे बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि ईरान को पहले बात करनी चाहिए थी।

लेकिन अब जंग के चौथे दिन उन्होंने बातचीत की संभावना से इनकार किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुकी है। वे बात करना चाहते हैं’। गौरतलब है कि 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी थी। ओमान की मध्यस्थता में पहले मस्कट में और उसके बाद जिनेवा में बातचीत हुई।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बहुत मददगार नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों को लेकर स्टार्मर का रुख उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि ब्रिटेन और अमेरिका का ‘स्पेशल रिलेशनशिप’ अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों को ब्रिटिश एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने में देरी हुई। इससे पहले सोमवार को संसद में स्टार्मर ने साफ किया था कि उनकी सरकार ईरान पर हमलों में शामिल नहीं होगी। उन्होंने अपने एयरबेस के इस्तेमाल की इजाजत इसी शर्त पर दी कि वहां से सिर्फ ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

इस बीच मंगलवार को खबर आई कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान से बातचीत करेंगे। पश्चिम एशिया के देशों पर हो रहे हमलों को रोकने और बढ़ते तनाव को कम करने के मसले पर वे बात करेंगे। इससे पहले पुतिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने संघर्ष के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई।


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