जिस समय ऐसा लग रहा था कि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने हथियार डाल दिए और स्वीकार कर लिया कि सिद्धारमैया पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे उसी समय खबर आई कि शिवकुमार समर्थकों ने एक बैठक की है। जानकार सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा रखने वाले 33 विधायकों की एक बैठक बेंगलुरू के एक होटल में हुई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को इस बात की खबर है और उन्होंने पार्टी आलाकमान को भी इसकी सूचना दे दी है। प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सूचना प्राप्त करने के बाद भी कोई पूछताछ नहीं करने का इरादा दिखाया है।
असल में इन विधायकों ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का एजेंडा नहीं जाहिर किया। कहा गया कि लाइक मांइडेड विधायकों की बैठक हुई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि अब चुनाव नजदीक आ रहे हैं। दो साल बाद राज्य में विधानसभा के चुनाव हैं। इसलिए अगर शिवकुमार अभी मुख्यमंत्री नहीं बने तो थोड़े समय के लिए कुर्सी मिलने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उनको काम करने का मौका मिलना चाहिए तभी वे अपने नाम पर जनादेश मांगने जनता के बीच जाएंगे। लेकिन दूसरी ओर सिद्धारमैया खेमा किसी तरह से गद्दी छोड़ने पर राजी नहीं है। दिल्ली में राहुल गांधी भी अभी छेड़छाड़ करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि अप्रैल में पांच राज्यों के चुनाव के बाद कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की लड़ाई तेज होगी।
