केजरीवाल सिर्फ कांग्रेस के लिए चुनौती नहीं

Categorized as राजनीति

शराब नीति घोटाले का सीबीआई का केस धराशायी होने और अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद से ही यह विश्लेषण किया जा रहा है कि केजरीवाल अब कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे कांग्रेस के लिए चुनौती बनेंगे। उन्होंने इसकी शुरुआत भी कर दी है। विशेष अदालत के फैसले के बाद उनसे कांग्रेस को लेकर सवाल पूछे गए, जो प्रायोजित थे और उन्होंने यह कहा कि सोनिया व राहुल गांधी या रॉबर्ट वाड्रा जेल नहीं गए। केजरीवाल कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि उसकी भाजपा से मिलीभगत है और कांग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा और आप मिले हुए हैं और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा ने ही केजरीवाल को बरी कराया है।

जाहिर है कि कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल की चुनौती भांप ली है तो केजरीवाल ने भी कांग्रेस को कमजोर करने और उसकी जगह लेने की अपनी राजनीति के लिए एक दूसरा मौका देखना शुरू कर दिया है। लेकिन सवाल है कि केजरीवाल क्या सिर्फ कांग्रेस के लिए चुनौती होंगे या दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं के लिए भी चुनौती बनेंगे? अभी भले लोग वह तस्वीर नहीं देख रहे हैं लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में किस्मत आजमाने की चाह रखने वाले तमाम प्रादेशिक नेताओं के लिए केजरीवाल चुनौती बनने वाले हैं। सबसे पहली चुनौती पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के सामने होगी।

ध्यान रहे ममता बनर्जी अपने लिए राष्ट्रीय भूमिका देख रही हैं। पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोलकाता जाकर ममता बनर्जी को राष्ट्रीय नेता बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ वे ही भाजपा से लड़ सकती हैं। उसके बाद कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर ने भी उनको विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक का स्वाभाविक नेता बताया। जानकार सूत्रों का कहना है कि इस साल विधानसभा चुनाव अगर वे जीतती हैं तो इस बार की जीत का इस्तेमाल वे अपने राष्ट्रीय अभियान में करेंगी। कहा जा रहा है कि जिस तरह से 2012 में गुजरात जीतने के बाद नरेंद्र मोदी ने उसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजनीति में किया उसी तरह ममता बनर्जी करेंगी। वे मुख्यमंत्री रहते देश भर में घूमेंगी, पार्टियों के साथ तालमेल करेंगी और राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति करेंगी। भाजपा से ब्राह्मण और अन्य सवर्णों की नाराजगी का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी तो मुसलमानों के बीच यह धारणा बनवाएंगी कि कांग्रेस ने जो काम नहीं हो पा रहा है वह वे करेंगी।

सोचें, अगर उनकी ऐसी महत्वाकांक्षा है तो केजरीवाल के साथ कैसे बनेगी? केजरीवाल की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा 2014 से ही है। इसलिए वे तो 2029 में प्रधानमंत्री बनने की राजनीति करेंगे। इसमें कांग्रेस के साथ उनका टकराव होगा तो ममता बनर्जी के साथ भी होगा। एमके स्टालिन की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा नहीं है लेकिन इस बार वे जीते तो उनको भी अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना है। इसलिए वे भी दक्षिण भारत के राज्यों के नेता के तौर पर देश की राजनीति के बारे में सोचेंगे। अखिलेश यादव के लिए केजरीवाल की चुनौती पैदा होगी। अगले साल केजरीवाल समान उम्र के नेताओं में सबसे अव्वल होकर उभर सकते हैं।


Previous News Next News

More News

मोदी-शाह पर ‘जेन जी’ को धमकाने का आरोप

August 1, 2026

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है कि वे प्रदर्शन करने वाले युवाओं यानी ‘जेन जी’ को धमका रहे हैं। राहुल ने मोदी और शाह के लिए यह भी लिखा है कि वे देश का अतीत हैं। राहुल गांधी ने…

ताहिर हुसैन को उम्र भर जेल में रहना होगा

August 1, 2026

नई दिल्ली। छह साल पहले हुए दिल्ली दंगों के दौरान आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ताहिर हुसैन को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। आम आदमी पार्टी के पार्षद रहे ताहिर हुसैन को अदालत ने 13 जुलाई को दोषी ठहराया था। शुक्रवार, 31 जुलाई को…

प्रदर्शनकारी लड़की पर एफआईआर का विरोध

August 1, 2026

नई दिल्ली। पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लड़की रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले का कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध किया है। पुलिस ने रुचिका के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। सीजेपी ने इसे कानून का…

कई राज्यों में बारिश, बाढ़, भूस्खलन

August 1, 2026

नई दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में मानसून कमजोर पड़ा है लेकिन ज्यादातर राज्यों में मानसून की भारी बारिश जारी है। पहाड़ों पर जारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा के अलावा घाघरा, सरयू समेत 10 नदियां उफान पर हैं। खबर है कि बिजनौर…

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल

July 31, 2026

उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा करते…

logo