शहबाज को ट्रंप ने बड़ा बना दिया

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संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की सालाना बैठक में आमतौर पर कुछ सब्सटेंटिव नहीं होता है। वहां से कोई देश कुछ हासिल करके नहीं लौटता है। यूएनजीए में कुल जमा हासिल नेताओं का भाषण होता है। इसी की चर्चा होती है और उसी में सूत्र खोजे जाते हैं। भारत की ओर से इस बार प्रधानमंत्री नहीं गए थे। भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था। इसलिए पहले से ही तय लग रहा था कि भारत का प्रतिनिधित्व बहुत हाईलाइट नहीं होगा। लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाईलाइट चुरा ली। ऊपर से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोपक्षीय वार्ता के लिए अमेरिका में थे। इसलिए लाइमलाइट शी पर था। बाद में राष्ट्रपति ट्रंप ने शहबाज का भाव भी बढ़ा दिया।

असल में शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत को लेकर जो अनाप शनाप बोला वह अपनी जगह है। लेकिन उन्होंने पिछले साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए खुले दिल से राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ की और उन्होंने कहा कि समय से दखल देकर राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध रूकवाया और दक्षिण एशिया के करोड़ों लोगों की जान बचाई। ध्यान रहे भारत इस बात से इनकार करता है कि अमेरिका ने युद्ध रुकवाया लेकिन शहबाज बार बार दोहराते हैं। पहले तो ट्रंप भी कहते थे। इस बार भी ट्रंप ने शहबाज शरीफ के भाषण का यह वाला हिस्सा निकाल कर उसे अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया। इससे शहबाज की हैसियत बढ़। ट्रंप ने राष्ट्रपति शी को भी गले लगाया और उनके हिसाब से समझौते किए। यह दोनों घटनाक्रम भारत के लिए चिंता की बात होनी चाहिए।


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