उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की बिहार की सहयोगी पार्टियां भाजपा पर दबाव बना रही हैं। पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो अब नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू ने कहा है कि वह भी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेगी। जदयू ने तो यहां तक कहा है कि वह 60 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। ध्यान रहे एक समय जब केसी त्यागी जदयू के राष्ट्रीय महासचिव थे और उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रहे आरसीपी सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब इस बात की बहुत चर्चा होती थी कि जदयू को यूपी में चुनाव लड़ना चाहिए।
लेकिन अब न तो केसी त्यागी पार्टी में हैं और न आरसीपी सिंह। नीतीश कुमार की अपनी स्थिति ऐसी नहीं है कि वे राजनीति कर सकें। पिछले लोकसभा चुनाव में उनके उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर या किसी अन्य कुर्मी बहुल सीट से चुनाव लड़ने की भी चर्चा हुई थी। बहरहाल, पार्टी की ओर से 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की चर्चा इसलिए कराई जा रही है ताकि भाजपा से एक या दो सीटों पर बात हो सके। गौरतलब है कि भाजपा ने जदयू और लोजपा को झारखंड और दिल्ली में एक एक सीट दी थी। झारखंड में तो दोनों जीते लेकिन दिल्ली में नहीं जीत सके। अब दोनों चाहते हैं कि भाजपा उन्हें उत्तर प्रदेश में भी एकाध सीट देकर गठबंधन में एडजस्ट करे। हालांकि भाजपा इस मूड में दिख नहीं रही है।
