भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम की घोषणा हुई तो उसमें चौंकाने वाली बातें बहुत कम थी। लेकिन दो नेताओं को टीम से बाहर कर दिए जाने पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई थी। भाजपा की बदनाम आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को हटा दिया गया था और आईटी सेल का नाम बदल दिया गया था। उनकी जगह दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया सेल का प्रमुख बनाया गया था। दूसरा हैरान करने वाला मामला मंगल पांडेय का था। उनको बिहार सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया था तब इस बात की चर्चा थी की संगठन में कोई बड़ी भूमिका मिलेगी। वे हिमाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक प्रभारी रह चुके थे इसलिए महासचिव बनने की चर्चा थी। लेकिन उनको नितिन नबीन की टीम में भी जगह नहीं मिली।
अब इन दोनों को एडजस्ट कर दिया गया है। बिना संगठन में कोई पद दिए दोनों को राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। मंगल पांडेय को असम का प्रभारी बनाया गया है। यह बड़ी जिम्मेदारी है। असम में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार चुनाव जीती है। सत्तारूढ़ प्रदेश के प्रभारी का खास महत्व होता है। असम में बिहारी मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। इसी तरह अमित मालवीय को महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य का सह प्रभारी बनाया गया है। बीजू जनता दल से भाजपा मे गए बैजयंत जय पांडा को प्रभारी बनाया गया है और उनके साथ अमित मालवीय प्रभारी हैं। इन दोनों को एडजस्ट किए जाने का अर्थ यह है कि इन पर जो आरोप लग रहे थे उनकी पार्टी नेतृत्व को परवाह नहीं है।
