हरदीप पुरी को मामला धीरे धीरे ठंडा हो रहा है। उनके खिलाफ मोर्चा खोलने वाली तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा के हमले की तीव्रता कम हो गई है। देश में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए बिल गेट्स पर ज्यादा हमले हो रहे हैं। ध्यान रहे बिल गेट्स अमेरिका के यौन अपराधी और जेफ्री एपस्टीन के सबसे करीबी दोस्तों में थे और ऐसी खबरें आई हैं कि वे उसके कई कामों में शामिल थे। बहरहाल, हरदीप पुरी के खिलाफ अब सिर्फ कांग्रेस का हमला चल रहा है। पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत इस मुद्दे को उठाए हुए हैं। उनका कहना है कि एपस्टीन से पुरी 14 बार मिले हैं। हालांकि कांग्रेस के ही मणिशंकर अय्यर ने पवन खेड़ा को टारगेट करके उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर की है।
बहरहाल, विपक्षी पार्टियों की ओर से हरदीप पुरी के खिलाफ जो भी अभियान चल रहा हो लेकिन सत्तापक्ष की ओर से ऐसी खबरें आ रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा समर्थन पुरी को है। वे कम से कम इस मसले पर पुरी का इस्तीफा नहीं लेने जा रहे हैं। उन्होंने तीन दिन पहले हरदीप पुरी को जन्मदिन की बधाई देकर भी इसका संकेत दे दिया था सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा है। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि मई या जून में जब कैबिनेट में फेरबदल होगी तब पुरी की विदाई हो जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि पुरी का राज्यसभा का कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है और उन्हें फिर से उच्च सदन में नहीं भेजा जाएगा। गौरतलब है कि वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और नवंबर में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। एमजे अकबर भी ऐसे ही इस्तीफा देकर हटे थे और राज्यसभा खत्म हो गई तो उसके साथ ही राजनीतिक करियर पर भी विराम लग गया।
