पद्म पुरस्कारों से आहत राइटविंग के सूरमा

Categorized as राजनीति

सोशल मीडिया में राइटविंग के सूरमा एक्टिविस्ट बड़े निराश और आहत हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने जिन लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया उनकी सूची ने राइटविंग के कार्यकर्ताओं को आहत किया है। खास कर दो नामों को लेकर सबसे ज्यादा निराशा जताई जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम नेता वीएस अच्युतानंदन को लेकर है। भाजपा के ज्यादातर समर्थक अपनी ही सरकार के ऊपर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अच्युतानंदन के मुख्यमंत्री रहते या उनके सीपीएम की राजनीति में शिखर पर रहते केरल में दर्जनों आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। गौरतलब है कि भाजपा के नेता अक्सर सीपीएम के ऊपर आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या के आरोप लगाते रहे हैं। तभी उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों अच्युचतानंदन को दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

ध्यान रहे इसी तरह के सवाल तब भी उठे थे, जब मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण मिला था। भाजपा उनको कारसेवकों पर गोली चलवाने वाला बता कर हिंदू विरोधी साबित करती रही थी। बहरहाल, अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देने का बचाव इस आधार पर किया जा रहा है कि भाजपा इस बार केरल में नायर, एझवा सहित तमाम बड़ी हिंदू जातियों को साध कर चुनावी सफलता हासिल करना चाहती है। दूसरा नाम जिसने भाजपा कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा आहत किया है वह शिबू सोरेन का है। भाजपा समर्थक लिख रहे हैं कि शिबू सोरेन के खिलाफ भाजपा ने नरसंहार से लेकर भ्रष्टाचार तक के आरोप लगाती रही है। नरसिंह राव की सरकार बचाने के लिए पैसे के बदले वोट देने का आरोप उनके ऊपर लगा था। कई राइटविंग समर्थक पद्म पुरस्कारों के राजनीतिक इस्तेमाल से नाराज हैं। उनका कहना है कि पद्म पुरस्कारों को पीपुल्स पद्म बनाना अच्छी बात थी लेकिन उसका राजनीतिक इस्तेमाल अब पहले से बहुत ज्यादा होने लगा है।


Previous News Next News

More News

ईरान युद्ध का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

March 4, 2026

पुरानी कहावत है कि ‘चुनाव से पहले, युद्ध के दौरान और शिकार के बाद सबसे ज्यादा झूठ बोले जाते हैं’। सो, ईरान में युद्ध चल रहा है और झूठ की चौतरफा बौछार हो रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि युद्ध अमेरिका ने शुरू नहीं किया…

भारत तेल भंडार की चिंता में

March 4, 2026

नई दिल्ली। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार कम हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास सिर्फ 25 दिन के कच्चे तेल और रिफाइंड का भंडार है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। गौरतलब है कि भारत की जरुरत का करीब 40…

ट्रंप ने दांवा किया ईरान बातचीत चाहता है

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के चौथे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई…

ईरान में आठ सौ लोगों की मौत

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में पिछले चार दिन में करीब आठ सौ लोगों की मौत हो चुकी है। पहले दिन हुए हमले में एक स्कूल में करीब डेढ़ सौ छात्राओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुआ।…

पटरी पर लौटा रिश्ता

March 4, 2026

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और…

logo