असली शिव सेना की परीक्षा बीएमसी चुनाव में

Categorized as राजनीति

वैसे तो अगले साल कई चुनाव होने वाले हैं, जिनका असर देश की राजनीति पर गहरा होगा लेकिन सबसे पहले जो चुनाव होगा और जिस पर देश भर की नजर होगी वह बृहन्नमुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी का चुनाव होगा। बीएमसी के साथ महाराष्ट्र के और 28 शहरी निकायों के चुनाव होने वाले हैं और वो भी अहम हैं लेकिन बीएमसी का चुनाव कई कारणों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके तीन ऐसे राजनीतिक कारण हैं, जिन पर बीएमसी के चुनाव को देखने की जरुरत है। पहला कारण यह है कि इसमे असली शिव सेना की परीक्षा होनी है। दूसरा कारण यह कि इसके नतीजे से तय होगा कि कांग्रेस के साथ महाविकास अघाड़ी में उद्धव ठाकरे की पार्टी का क्या स्थान होगा और तीसरा कारण यह है कि महाराष्ट्र में खास कर मुंबई में भाजपा ब्रांड हिंदुत्व की राजनीति चलेगी या शिव सेना ब्रांड हिंदुत्व की राजनीति फिर से स्थापित होगी।

ध्यान रहे भारतीय जनता पार्टी ने शिव सेना का विभाजन कराया था तो उसका तात्कालिक कारण भले महाविकास अघाड़ी को सरकार से हटा कर अपनी सरकार बनाने का हो लेकिन दीर्घकालिक राजनीति शिव सेना ब्रांड राजनीति को खत्म करने की थी। भाजपा को पता था कि राज ठाकरे की राजनीति समाप्त हो गई है और अगर उद्धव ठाकरे भी समाप्त हो जाएं तो फिर हिंदुत्व की राजनीति के इकलौते ब्रांड के तौर पर भाजपा रह जाएगी। इसमें काफी हद तक भाजपा को कामयाबी मिली है। विधानसभा चुनाव के नतीजे दिखाते हैं कि कैसे भाजपा अकेले बहुमत की संख्या के पास पहुंच गई। तभी भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को किसी तरह से रोका जाए। अगर उद्धव ठाकरे की शिव सेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठबंधन जीत जाता है तो हिंदुत्व और मराठा मानुष की राजनीति बहुत तेजी से बदलेगी। उसमें भाजपा के लिए समस्या हो सकती है।

यह चुनाव उद्धव और राज ठाकरे के लिए अपने परिवार की विरासत वापस हासिल करने का भी मौका है। दोनों को यह साबित करना है कि एकनाथ शिंदे की कमान वाली शिव सेना असली नहीं है। असली शिव सेना उनकी है। ध्यान रहे बाल ठाकरे के जमाने से शिव सेना की असली ताकत बीएमसी रही है। उसके पार्षद ही उसकी ताकत होते थे। उनसे मुंबई की झुग्गियों से लेकर चॉल और बहुमंजिला इमारतों तक में शिव सेना का वजूद था। अगर उद्धव और राज ठाकरे का गठबंधन जीतता है तो एक बार फिर ठाकरे परिवार की ताकत स्थापित होगी और तब शिंदे की मुश्किलें बढ़ेंगी। उनकी पार्टी में भगदड़ मच सकती है और उनके विधायक व सांसद वापस ठाकरे परिवार की ओर मुड़ सकते हैं। ध्यान रहे ठाणे को छोड़ कर महाराष्ट्र के दूसरे किसी हिस्से में शिंदे का असर नहीं है। अंत में बीएमसी चुनाव की नतीजों से महाविकास अघाड़ी की राजनीति भी तय होगी। एक तरफ ठाकरे बंधु एक हो गए हैं तो दूसरी ओर पवार परिवार भी एक होने का प्रयास कर रहा है। इससे महाराष्ट्र में नया समीकरण बनेगा। अगर उद्धव और राज ठाकरे जीतते हैं या ऐसी स्थिति बनती है कि उनके बगैर बीएमसी का मेयर नहीं चुना जाएगा तो वे भाजपा के साथ भी हाथ मिला सकते हैं। अगर नहीं भी मिलाते हैं तो राज ठाकरे के साथ रहने में कांग्रेस को दिक्कत है। सो, बीएमसी का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है।


Previous News Next News

More News

संसद में विपक्ष का नुक्कड़ नाटक

August 1, 2026

नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों ने मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते के आखिरी कामकाजी दिन यानी शुक्रवार को संसद परिसर को नुक्कड़ नाटक की जगह बना दिया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में राममंदिर चढ़ावा चोरी को एक नाटक के जरिए प्रदर्शित किया। इसमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़ा पहन कर साधु बने…

मोदी-शाह पर ‘जेन जी’ को धमकाने का आरोप

August 1, 2026

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है कि वे प्रदर्शन करने वाले युवाओं यानी ‘जेन जी’ को धमका रहे हैं। राहुल ने मोदी और शाह के लिए यह भी लिखा है कि वे देश का अतीत हैं। राहुल गांधी ने…

ताहिर हुसैन को उम्र भर जेल में रहना होगा

August 1, 2026

नई दिल्ली। छह साल पहले हुए दिल्ली दंगों के दौरान आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ताहिर हुसैन को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। आम आदमी पार्टी के पार्षद रहे ताहिर हुसैन को अदालत ने 13 जुलाई को दोषी ठहराया था। शुक्रवार, 31 जुलाई को…

प्रदर्शनकारी लड़की पर एफआईआर का विरोध

August 1, 2026

नई दिल्ली। पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लड़की रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले का कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध किया है। पुलिस ने रुचिका के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। सीजेपी ने इसे कानून का…

कई राज्यों में बारिश, बाढ़, भूस्खलन

August 1, 2026

नई दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में मानसून कमजोर पड़ा है लेकिन ज्यादातर राज्यों में मानसून की भारी बारिश जारी है। पहाड़ों पर जारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा के अलावा घाघरा, सरयू समेत 10 नदियां उफान पर हैं। खबर है कि बिजनौर…

logo