पता नहीं राष्ट्रीय जनता दल को शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट देने का कितना लाभ मिलेगा, लेकिन नुकसान बड़ा होता दिख रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने ओसामा को टारगेट करके अपराधी, बाहुबली और तुष्टिकऱण का मुद्दा बनाया है। योगी आदित्यनाथ की दो सभाएं उस इलाके में हो चुकी। पहले वे रघुनाथपुर गए, जहां से राजद ने ओसामा को टिकट दिया है और फिर सीवान में उनकी सभा हुई। दोनों बार उनके निशाने पर ओसामा शहाब थे। इस बीच एक खबर यह है कि कानों कान राजद की ओर से इस बात का प्रचार किया जा रहा है कि मुस्लिम उप मुख्यमंत्री के तौर पर ओसामा के नाम पर विचार हो रहा है। राजद के लोग यह बात फैला रहे हैं।
पहले कहा जा रहा था कि मुस्लिम चेहरे के तौर पर उप मुख्यमंत्री पद के दावेदार अब्दुल बारी सिद्दीकी हैं। लेकिन जब से ओसामा की चर्चा हुई है तब से सिद्दीकी की चर्चा बंद है और वे इससे नाराज भी हुए हैं। इसका असर मधुबनी के इलाके में देखने को मिल सकता है। लेकिन जैसे जैसे ओसामा को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा जोर पकड़ रही है वैसे वैसे राजद के खिलाफ ध्रुवीकऱण तेज हो रहा है। राजद के कई नेता मान रहे हैं कि मुस्लिम वोट पहले ही महागठबंधन के पक्ष में एकजुट था तो तेजस्वी यादव को ओसामा को टिकट नहीं देनी चाहिए थी। लेकिन ओसामा को टिकट देना, लालू प्रसाद और तेजस्वी दोनों का उनके साथ तस्वीर खिंचवाना और फिर डिप्टी सीएम की चर्चा से राजद को फायदा होने की बजाय नुकसान की आशंका ज्यादा है। शहाबुद्दीन और ओसामा की बात होने पर राजद के लोग एनडीए के बाहुबली उम्मीदवारों के नाम ले रहे हैं लेकिन वे भी जितना तुलना करेंगे उतना नुकसान होगा।
