नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने दिल्ली की मसौदा सूची जारी की है। इसमें 47 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं। दिल्ली के कुल एक करोड़ 45 लाख मतदाताओं में से 47 लाख के नाम कट गए हैं। यानी लगभग एक तिहाई लोगों के नाम कट गए हैं। इस पर तंज करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को जनगणना कराने की जरुरत नहीं है, चुनाव आयोग अपने आप 140 करोड़ लोगों की आबादी को घटा कर 50 करोड़ कर देगा।
बहरहाल, चुनाव आयोग ने एसआईआर के बाद महाराष्ट्र की भी मसौदा सूची जारी की। महाराष्ट्र में करीब दो करोड़ सात लाख मतदाताओं के नाम फिलहाल मसौदा सूची से बाहर हैं। मसौदा सूची में नाम शामिल नहीं होने वालों में अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट यानी एएसडीडी श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य मामलों और डिजिटाइजेशन के लिए फॉर्म जमा नहीं होने या तकनीकी कारणों से भी कई मतदाताओं के नाम फिलहाल मसौदा सूची में नहीं हैं।
मसौदा सूची में नाम नहीं मिलने पर मतदाता 30 सितंबर 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग इन दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा। दावों और आपत्तियों के निपटाने का काम 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद चार नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा की थी। यह एसआईआर का तीसरा चरण है।
