जगदीशन के तीसरा कार्यकाल ना लेने के फैसले को एचडीएफसी बैंक में संस्थागत पुनर्गठन की जरूरत से जोड़ कर देखा गया है। अब बैंक के सामने कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्च मानकों की बहाली की कठिन चुनौती है।
सामान्य स्थितियों में फिर नियुक्ति ना मांगने के एचडीएसी बैंक के महाप्रबंधक और सीईओ शशिधर जगदीशन की घोषणा को उनका निजी फैसला समझा जाता। मगर, जो हालिया पृष्ठभूमि है, उस कारण इस घटना से भारत के इस प्रमुख बैंक के बारे में चर्चित सवालों पर फिर ध्यान गया है। जगदीशन ने अक्टूबर 2026 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति ना मांगने का निर्णय लिया है। इस कदम को बैंक में संचालन संबंधी अनसुलझे मसलों और एचडीएफसी हाउजिंग फाइनेंस कंपनी के साथ उसके विलय के बाद की चुनौतियों के बरकरार रहने का संकेत समझा गया है।
उल्लेखनीय है कि जगदीशन का कार्यकाल बैंक में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े विवादों से प्रभावित रहा। पूर्व गैर-कार्यकारी अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती के “नैतिक चिंताओं” का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देने, और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से संबंधित डिपॉजिट प्रोक्योरमेंट विवाद से बैंक की साख को झटका लगा। क्रेडिट सुइस एटी-1 बॉन्ड सहित विदेशी संपत्तियों की बिक्री के मामले में जोखिम संभालने संबंधी बैंक के मानकों पर सवाल उठे। हालांकि वित्तीय मोर्चे पर बैंक में स्थिरता रही, लेकिन विलय के बाद उसके मुनाफे में आई कमी आई। उससे निवेशकों में उपजे संदेह के कारण शेयर बाजार में बैंक का प्रदर्शन कई वर्षों के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया। लंबे समय तक भारतीय रिटेल बैंकिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड माने जाने वाले इस बैंक के लिए ये रुझान चिंता का कारण बने हुए हैँ।
आम चर्चाओं में बैंक में संचालन संबंधी गलतियों को लेकर कयास लगाए गए हैं। संदेह जताया गया है कि हालिया वर्षों में ऐतिहासिक स्थिरता के रिकॉर्ड से बैंक भटक गया है। इसीलिए जगदीशन के तीसरा कार्यकाल ना लेने के फैसले को बैंक में संस्थागत पुनर्गठन की जरूरत से जोड़ कर देखा गया है। अब बैंक प्रबंधन के सामने जगदीशन के उत्तराधिकारी की अविलंब खोज और कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्च मानकों की बहाली की कठिन चुनौती है। एचडीएफसी की भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए उसके अंदर की घटनाओं पर सबकी निगाह होना लाजिमी है। इसे समझते हुए बैंक के कर्ता-धर्ताओं को निवेशकों का विश्वास फिर हासिल करने के ठोस कदम जल्द उठाने चाहिए।
