नई दिल्ली। पिछले करीब साढ़े चार साल से यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध खत्म करने की नसीहत दी है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिले। दोनों के बीच दोपक्षीय वार्ता हुई और मोदी ने पुतिन को ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का न्योता दिया। इस इस दौरान दोनों नेता एक दूसरे के गले लगे। दोपक्षीय वार्ता में मोदी ने पुतिन से कहा, ‘हमें कभी न खत्म होने वाले युद्धों से हटकर, उन्हें खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए। भारत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है’।
गौरतलब है कि बिश्केक में दो दिन की शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की बैठक हो रही है। बैठक के पहले दिन मोदी ने ईरान, किर्गिस्तान और अर्मेनिया के राष्ट्राध्यक्षों से दोपक्षीय वार्ता की। वे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मिले। बिश्केक में चल रहे एससीओ सम्मेलन की थीम ‘शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना’ है। इसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित 10 सदस्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं। बाद में मोदी ने बिश्केक में होने वाले छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया।
बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में अगले महीने होने वाली ब्रिक्स सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया। मोदी ने कहा, ‘भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। सभी सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं’। मोदी ने आगे कहा, ‘हमने हमेशा यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की है। पिछली बार जब हम मिले थे, तब भी आपने मुझे स्थिति के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्धों से हटकर युद्धों को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए’।
प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध समाप्त करने की नसीहत देते हुए कहा, ‘भारत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। शांतिपूर्ण तरीकों से सभी मुद्दों का समाधान करना मानवता की पुकार है’। राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत के साथ संबंधों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, ‘रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप लिस्ट में शामिल है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या सात गुना बढ़ कर 40 हजार हो गई है’। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, ‘आज हमारे पास रूस और भारत संबंधों के विकास के बारे में विचारों का आदान प्रदान करने और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अच्छा मौका है’।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता के दौरान पुतिन ने कहा, ‘मैं खुशी के साथ यह कहना चाहूंगा कि रूस और भारत के संबंध एक खास और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी, रूस व भारत संबंधों पर आपके विशेष ध्यान और हमारे बीच बने व्यापारिक और दोस्ताना रिश्तों से इसमें मदद मिली है। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं’। मोदी ने पुतिन ने कहा, ‘पिछले साल आपकी भारत यात्रा बहुत सफल और सचमुच यादगार रही। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नई ऊंचाइयां छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा’।
