नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग में एक नया मोर्चा खुल गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन में हमला करके गृह युद्ध जैसे हालात बना दिए हैं तो दूसरी ओर सऊदी अरब पर भी हमला बोला है। हाल के दिनों में यह सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का यह दूसरा हमला है। हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को एक साथ यमन और सऊदी अरब पर हमला बोला। हूतियों के हमले में यमन में शुक्रवार की शाम तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पहला हमला यमन सरकार के सैन्य ठिकानों पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से किया। इसमें 58 सैनिकों की मौत हुई और दर्जनों घायल हो गए। यमन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सही समय और सही जगह पर जवाब दिया जाएगा। दूसरा हमला सऊदी के नजरान में हुआ, जिसमें 11 नागरिक घायल हुए। इनमें सात सऊदी, एक यमनी, दो मिस्री और एक पाकिस्तानी नागरिक है। इस हमले में चार साल का एक बच्चा भी घायल हुआ है। हमलों के बाद नजरान के कई हिस्सों में आग लग गई।
उधर ईरान के एक सांसद ने दावा किया है कि होर्मुज की खाड़ी को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच ओमान के जरिए बातचीत चल रही है। गौरतलब है कि ईरान और ओमान ने होर्मुज की खाड़ी का प्रबंधन करने का एक सिस्टम तैयार किया है। कहा जा रहा है कि इस सिस्टम के मुताबिक होर्मुज की खाड़ी में ईरान व्यावसायिक जहाजों से टैक्स लेगा। उसमें से 75 फीसदी हिस्सा ईरान को और 25 फीसदी ओमान को मिलेगा। जानकार सूत्रों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्दी ही कोई समझौता हो सकता है।
